Monday, September 6, 2021

BJP का सर्वे कर फंस सकता है दैनिक भास्कर, लिखा GST का नहीं होगा चुनाव पर असर

गुजरात. अपने आपको निष्पक्ष कहने वाला दैनिक भास्कर चुनाव के समय में BJP के पक्ष में रिपोर्टिंग करते और कंटेंट परोसते हुए दिखाई दे रहा है। इस पोर्टल ने एक सर्वे में खुलकर BJP का माहौल बनाने की कोशिश की है। इस पोर्टल का कहना है कि 55% जनता की राय में राहुल को मंदिरों में जाने का फायदा नहीं मिलेगा। 62.32% लोगों ने कहा कि BJP को फिर मौका देंगे। – DAINIKDUNIA.COM

BJP

बाकी बातें आप खुद ही देखिए किस तरह परोसी गई हैं…

क्या बताता है DB Survey

सर्वे के मुताबिक, 61% लोग कैंडिडेट की जाति नहीं पार्टी देखकर वोट देंगे। सूरत, गुजरात की राजनीति में नए चेहरों के आने के बावजूद मुख्य जंग BJP और कांग्रेस के ही बीच है। ये बात गुजरात में एक से 10 नवंबर तक किए गए दैनिक भास्कर के सर्वे में सामने आई है। जातियों का पोलराइजेशन (ध्रुवीकरण) भले ही दिखाई दे रहा है पर वोटर पार्टी और कैंडिडेट को ध्यान में रखकर ही वोट देंगे, यह भी तय है। जीएसटी-नोटबंदी जैसे मुद्दे चुनाव में हावी रहेंगे। सर्वे में वेबसाइट, मिस्डकॉल सर्विस और अखबार के जरिए 85 हजार लोगों ने हिस्सा लिया।

गुजरात चुनाव में ये मुद्दे अहम

नोटबंदी-जीएसटी

34% की राय में जीएसटी और नोटबंदी का असर होगा। कांग्रेस द्वारा जीएसटी-नोटबंदी के मुद्दे पर BJP पर आरोप से यह चर्चा में है।
सर्वे का नतीजा :BJP द्वारा जीएसटी-नोटबंदी के बचाव में अनेक दलीलों के बावजूद ज्यादातर लोगों की राय में यह प्रभावी रहेगा जबकि 26% की राय में इसका खास असर नहीं होगा।

जातिवाद का फैक्टर

– 61% लोग कैंडिडेट की जाति नहीं पार्टी देखकर वोट देंगे।
– 65% की राय में हार्दिक, अल्पेश या जिग्नेश का चुनाव के नतीजों पर असर नहीं होगा।
सर्वे का नतीजा :पहली बार गुजरात विधानसभा चुनाव में जातिवाद का मुद्दा उठा है। ज्यादातर लोगों ने कहा कि पार्टी देखकर वोट देंगे। पाटीदार भी BJP को मौका देने के पक्ष में हैं।

एंटी इन्कम्बेंसी

– 22% लोगों की राय में सरकार की शराबबंदी की ढुलमुल पॉलिसी।
– 18.40% लोग फी रेग्युलेशन पर सरकार से नाराज, 18% की राय में इम्प्लॉइमेंट नहीं है।
सर्वे का नतीजा : पिछले 5 चुनाव में पहली बार एंटी इन्कम्बेंसी का मुद्दा दिखाई दे रहा है। नई नौकरियों के मुद्दे पर 18% से ज्यादा लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
सॉफ्ट हिंदुत्व

– 55% की राय में राहुल को मंदिरों में जाने का फायदा नहीं मिलेगा। पहली बार कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट ने गुजरात के मंदिरों में जाकर दर्शन किया।

सर्वे का नतीजा : सॉफ्ट हिंदुत्व के नाम से पहचाने जाने वाले राहुल की नई पॉलिसी से कांग्रेस को कुछ फायदा होता नहीं दिख रहा। वहीं, 20% लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकती है।

मोदी के पीएम बनने के बाद असर

– 45% लोगों का मानना है कि मोदी के गुजरात से जाने के बाद मिलाजुला असर दिखाई दिया।

– 55% की राय में स्थिति जैसी थी, वैसी ही है।
– 44.34% लोग मानते हैं कि मोदी के पीएम बनने के बाद बदलाव आया है।
– 30.31% लोगों का कहना है कि स्थिति ज्यादा खराब है।

किस दल को मौका?

– 62.32% लोगों ने कहा कि BJP को फिर मौका देंगे।
– 30.76% ने कहा कि कांग्रेस के साथ जाएंगे।
– 6.92% बोले- तीसरे ऑप्शन को चुनेंगे।
‘विकास पागल हो गया’ v/s ‘मैं विकास हूं’
– 27.15%: विकास पागल हो गया।
– 61.51%: मैं विकास हूं के साथ।
– 11.34%: कह नहीं सकते।

पाटीदार फैक्टर

– 63% पाटीदार BJP को मौका देने को तैयार।
– 31% पाटीदार कांग्रेस के साथ जाने के पक्ष में।
(जवाब देने वालों ने पाटीदारों पर हुए कथित दमन के मुद्दे पर सरकार से नाराजगी जताई है)
रूपाणी सरकार को 10 में से कितना प्वाइंट ?
– 31% लोगों ने रूपाणी सरकार को 10 में से 10 मार्क्स दिए।
– 60% ने रूपाणी सरकार को 8-10 मार्क तो करीब 28% ने मात्र एक से 4 मार्क्स दिया।
– 21.30% एक मार्क्स देने वाले।
– 6.67% पांच मार्क्स देने वाले।
– 10.81% 10में से 8 मार्क्स देने वाले।

नोटः एक ओर जहां चुनाव आयोग इस तरह की रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध लगा चुका है, वहीं दूसरी ओर धड़ल्ले से दैनिक भास्कर इस तरह का सर्वे प्रकाशित कर BJP का माहौल तैयार करवाने में लगा है।

फोटोः दैनिक भास्कर के सर्वे का स्क्रीन शॉट