Wednesday, September 1, 2021

चुनाव से पहले बीजेपी को झटका, इस दिग्गज नेता का हाथ अब कांग्रेस के साथ !

जयपुर. गोवा में अपने दो विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस ने भी फौरन पलटवार किया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को पार्टी में शामिल करने का ऐलान किया। वह आज (बुधवार को) औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। मानवेंद्र राजस्थान के शिव विधानसभा सीट से विधायक हैं।

मानवेंद्र सिंह

कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि मानवेंद्र का पार्टी में शामिल होना एक अच्छा कदम है। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी। मानवेंद्र ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और फिर कांग्रेस मुख्यालय में आकर पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। मानवेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़ने का ऐलान किया था।

विधायक मानवेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री जयवंत सिंह के बेटे हैं। 2004 में वह बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबियों में रहे जसवंत सिंह भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे हैं। पर 2014 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। पिछले चुनाव में भाजपा ने बाड़मेर से कर्नल सोनाराम चौधरी को मैदान में उतारा था। इसके बावजूद जसवंत सिंह निर्दलीय चुनाव लड़े थे, पर हार गए थे।

कितना बदलेगा चुनावी समीकरण

मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस का हाथ थामने से बाड़मेर के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। राजपूत परंपरागत तौर पर भाजपा के वोटर माने जाते हैं। पर मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में आने से राजपूत मतदाता कांग्रेस का साथ दे सकते हैं। जोधपुर संभाग में 33 सीट हैं। इसमें नागौर जिला भी जोड़ लिया जाए तो यह बढ़कर 43 हो जाता है। पिछले चुनाव में भाजपा को इनमें से अधिकतर सीट पर जीत दर्ज हुई थी। पर मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में आने से समीकरण बदल सकते हैं।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद मानवेंद्र सिंह राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति में अपनी भूमिका निभाएगें। वह बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, उनकी विधानसभा सीट से पत्नी चित्रा सिंह चुनाव लड़ सकती है।

चित्रा सिंह ने पिछले दिनों आक्रोश रैली में वसुंधरा राजे सिंधिया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। इसके अलावा वह कई मौकों पर भाजपा को कटघरे में खड़ा कर चुकी हैं।