Wednesday, September 8, 2021

महिला छात्रावास में बमबाजी, फिर भी कुलपति मौन!

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अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

इलाहाबाद/लखनऊ ।। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक छात्रा का अध्यक्ष बनना कुलपति को ही नागवार लग रहा है। इसको लेकर कुलपति ने अध्यक्ष रिचा सिंह को ही परेशान करना शुरू कर दिया है। हाल ही में रिचा ने जब खुलेआम पीएम मोदी को प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के बारे में अवगत करवाने के लिए चिट्ठी लिखी तो कुलपति रतनलाल हांगलू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे छात्रों पर ही गंभीर आरोप लगा दिए। यही नहीं महिला छात्रावास में उस समय बमबाजी की गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इलाहाबाद आने वाले थे, इससे नाराज होकर छात्राओं ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद भी केस दर्ज नहीं किया जा सका।

जानकारी के मुताबिक, 12 जून की रात महिला छात्रावास में हुई बमबारी की घटना को लेकर  छात्रसंघ अध्यक्ष एवं अन्य छात्राएं कुलपति से मिलकर इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम की मांग को रखना चाहती थी, लेकिन कुलपति ने मिलने से इनकार करते हुए पुलिस को बुलवाने की धमकी दी।

छात्रसंघ की अध्यक्ष रिचा सिंह बताती हैं कि प्रधानमंत्री को महिला सुरक्षा को लेकर लिखी गयी खुली चिठ्ठी का परिणाम यह था की अगली रात ही महिला छात्रवास पर बमबाजी की गई। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के पहले से ही पूरे शहर में पुख्ता इंतज़ाम किये गए थे।

विश्वविद्यालय प्रशासन की छात्राओं की असुरक्षा के प्रति असंवेदनशीलता और घटनाओं के प्रति मौन सहमति को इसी बात से समझा जा सकता है कि बमबाजी की घटना के 38 घंटे बाद भी पुलिस में एफआईआर नहीं दर्ज करवाई गई। गौरतलब है कि 103 साल बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में किसी छात्रा ने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया है। इसको लेकर जहां कुलपति को उत्साहवर्धन करते हुए यूनिवर्सिटी की समस्याओं को खत्म करना चाहिए था। वहीं इसे न कर कुलपति छात्र संघ से ही भिड़ रहे हैं।

फोटोः छात्रसंघ की छात्राएं कुलपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती हुईं।