Tuesday, August 31, 2021

Children’s Day स्पेशल: 14 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है बाल दिवस, जानें इतिहास

डेस्क। बाल दिवस 2018 पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पंडित जवाहर लाल नेहरू (Pandit Jawahar Lal Nehru) के जन्मदिन को बाल दिवस (Children’s Day) के रूप में मनाया जाता है। जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) का जन्‍म 14 नवंबर (November 14) को हुआ था। उन्‍हें बच्चों से बहुत प्यार था। यही वजह है कि बच्‍चे आज भी उन्‍हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते हैं। नेहरू कहते थे कि बच्चे देश का भविष्य है इसलिए ये जरूरी है कि उन्हें प्यार दिया जाए और उनकी देखभाल की जाए जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

बाल दिवस

बाल दिवस (Bal Diwas) के दिन स्कूलों में तरह-तरह के रंगारंग कार्यक्रमों, मेलों और ढेर सारी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस दिन स्‍कूलों में बच्‍चों के बीच मिठाई और टॉफियां बांटी जाती हैं। कई जगह बच्‍चों को गिफ्ट भी दिए जाते हैं।

भारत में बाल दिवस मनाने की शुरुआत

भारत में हर साल 14 नवंबर को बड़े ही उत्साह के साथ बाल दिवस मनाया जाता है। बच्चों के प्रति जवाहर लाल नेहरू के प्यार और लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अब से हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मनाया जाएगा और बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

बाल दिवस (Bal Diwas) का इतिहास

बाल दिवस साल 1925 से मनाया जाने लगा था, लेकिन यूएन ने 20 नवंबर 1954 को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों पर बाल दिवस मनाया जाता है। भारत में बाल दिवस 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद से मनाया जाने लगा। सर्वसहमति से ये फैसला लिया गया कि नेहरू के जन्मदिन पर बाल दिवस मनाया जाएगा।

कैसे मनाया जाता है बाल दिवस

– बाल दिवस के दिन बच्चों को गिफ्ट्स दिए जाते हैं।
– इस दिन स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजित किया जाता है, साथ ही बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं।
– बाल दिवस के दिन कई स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है और बच्चों के लिए खेल कूद का आयोजन होता है।
– कई स्कूलों में बाल दिवस के दिन बच्चों को पिकनिक पर ले जाया जाता है।