Sunday, September 5, 2021

क्लिक करिए और जानिए कौन बना आपका ग्राम प्रधान

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। यूपी में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। इसी के साथ प्रदेश में 59 हजार प्रधान-सदस्‍यों की किस्‍मत का फैसला हो गया। लेकिन अगर आपको नहीं पता चला कि आपके यहां पर कोई चुनाव जीता है तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं, हम आपको इस बारे में बताएंगे।

panchayat-electionsयूपी सरकार ने सभी परिणामों को ऑनलाइन कर दिया है और http://sec.up.nic.in/ElecLive/WinnerList.aspx पर क्लिक करके आप अपने गांव में हुए प्रधानी के चुनाव का रिजल्‍ट आसानी से पता कर सकते हैं। मतगणना 819 केंद्रों के 33 हजार टेबल पर सुबह 7 बजे से चल रही थी और अब तक जिलों के नतीजे आ चुके हैं। प्रधानी चुनाव में 4.79 लाख प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि 7.61 लाख प्रत्याशी सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे हैं।

चालीस फीसदी प्रधान पदों पर महिलाओं का कब्जा

यूपी में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव में 40 प्रतिशत से अधिक पदों पर महिलाओं ने जीत का परचम फहराया है। इन चुनावों की मतगणना में देर रात अधिकांश नतीजे आए गए। प्रदेश के 74 जिलों के 819 विकास खंडों की 58909 ग्राम पंचायतों में शुरू हुई मतगणना के नतीजों से साफ है कि महिलाओं ने अनारक्षित पदों पर भी जीत दर्ज की है।

प्रधान के पदों पर विजयी उम्मीदवारों में एक खास बात यह देखने में आयी कि लगभग चालीस फीसदी से अधिक पदों पर महिला उम्मीदवार विजयी रही हैं। चुनाव के दौरान चारों चरणों के मतदान में मैदान में उतरे कुल प्रत्याशियों में महिला पुरुष अनुपात 55 और 45 प्रतिशत का था। यानि प्रधानी के चुनाव में लगभग 45 प्रतिशत महिला उम्मीदवार मैदान में उतरी थीं। इनमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछडे़ वर्ग की सभी आरक्षित श्रेणियों के अलावा अनारक्षित पदों पर भी महिलाएं खड़ी हुई थीं और वह अनारक्षित पदों पर भी चुनाव जीतीं।

मतगणना नहीं हो सकी शांतिपूर्ण

हालांकि चारों चरणों के मतदान की ही तरह मतगणना भी शांतिपूर्ण ढंग से नहीं हो सकी। कई जगहों पर मतगणना के दौरान झड़पों और प्रत्याशियों व उनके समर्थकों के बीच टकराव की खबरें मिलीं। देर रात तक प्रदेश की 58909 ग्राम प्रधानों के पदों में से 45785 के परिणाम घोषित किए जा चुके थे। इनमें से 185 निर्विरोध चुनाव जीते, जबकि 45600 ग्राम प्रधानों को मुकाबले में जीत हासिल हुई। 41 पदों पर एक भी नामांकन न होने की वजह से यह पद रिक्त रह गए।