Sunday, September 5, 2021

तो क्या बिहार के वोटरों ने मोदी को इस लिए नकार दिया

lautanमहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बंजारा जाति की पंकजा मुंडे, हरियाणा में जाट, गुर्जर या सैनी तथा झारखण्ड में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाने की हवा तो मोदी ने उड़ाई, यहां पर खुले तौर पर मुख्यमंत्री के नाम का खुलासा कर चुनाव लड़ा गया और सरकार बनने की जब स्थिति आयी तो महाराष्ट्र में देवेन्द्र फणनवीश (ब्राह्मण), हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर (पंजाबी) व झारखण्ड में रघुवर दास (साहू) को मुख्यमंत्री बना दिया। इसकी वजह से ही बिहार के वोटरों ने मोदी को नकार दिया।

                                                                                                          लौटन राम निषाद, सपा नेता

लखनऊ (डीडीसी न्यूज एजेंसी) ।। बिहार में सामाजिक न्याय, पिछड़ावाद जीता है और भाजपा नेताओं का बड़बोलापन, अतिवाद व छदम समावेशी राजनीति की हार हुयी है। ये बातें राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव व समाजवादी पार्टी के नेता चौधरी लौटन राम निषाद लखनऊ में कही हैं। उन्होंने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की महाजीत व एनडीए गठबंधन की करारी हार सामंतवाद को लेकर जनता का आक्रोश है।

लौटन राम ने आगे बताया कि झूठ, फरेब व अतिपिछड़ावाद की बदौलत लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के मद में चूर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जैसों के अहम के कारण भाजपा अछूत पार्टी पुनः बनती जा रही है। अमित शाह अपने को चुनाव प्रबंधन के विशेषज्ञ बनते हैं, जिन्हें बिहार की सामाजिक न्याय समर्थक जागरूक जनता ने अंगूठा दिखाकर औकात में रहने का संकेत दिया है। यूपी सहित अन्य राज्यों में भी नरेन्द्र मोदी व अमित शाह को ऐसी ही करारी हार का मुंह देखना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव-2017 में भाजपा की स्थिति विधानसभा चुनाव-2012 की ही तरह रहेंगी।

निषाद ने कहा कि खुद ही मोदी व अमित शाह, मोदी को अतिपिछड़ा, पिछड़ा, गरीब, चाय बेचने वाला बताकर पिछड़ों, अतिपिछड़ों, दलित आदिवासियों का वोट बैंक हथियाकर बहुमत की सरकार बना ली, लेकिन इन वर्गों को बिल्कुल दरकिनार कर दिया। डेढ़ वर्ष में मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारी ने एक भी ऐसा कार्य नहीं किया, जिससे पिछड़े दलित वर्ग को एहसास हो कि मोदी ओबीसी, एमबीसी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बंजारा जाति की पंकजा मुंडे, हरियाणा में जाट, गुर्जर या सैनी तथा झारखण्ड में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाने की हवा तो उड़ाया गया, लेकिन खुले तौर पर मुख्यमंत्री के नाम का खुलासा कर चुनाव लड़ा गया और सरकार बनने की जब स्थिति आयी तो महाराष्ट्र में देवेन्द्र फणनवीश (ब्राह्मण), हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर (पंजाबी) व झारखण्ड में रघुवर दास (साहू) को मुख्यमंत्री बना दिया।

लौटन राम ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के झूठ, फरेब व छल-कपट की राजनीति को धता बताने के लिए पिछड़ों, अतिपिछड़ों ने भाजपा को शर्मनाक हार दिलाया और बिहार में भी पिछड़ों, अतिपिछड़ों, दलित-महादलितों में भाजपा को अपनी ताकत का एहसास कर दिया। अब भविष्य में पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग भाजपा की झूठी व फरेबी राजनीति के चक्कर में नहीं पड़ने वाला है। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने देश जी जनता को अच्छे दिन आने के सपने दिखाये थे और तमाम झूठ बोलकर इनका वोट हथियाया परन्तु अभी तक एक भी मुद्दे पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहाकि विधानसभा चुनाव-2017 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और भाजपा विपक्ष में भी बैठने की स्थिति में नहीं आयेगी।