Tuesday, September 7, 2021

CM अखिलेश यादव ने इसे बताया आधुनिक मंदिर

AAAलखनऊ ।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिक्षण संस्थानों को आधुनिक मन्दिर बताते हुए कहा कि इनके विकास के बिना देश एवं समाज तरक्की नहीं कर सकता। अनावश्यक बहस से बचने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि गलत को गलत कहने के लिए जागरूक लोगों को आगे आना पड़ेगा। शिक्षण संस्थाओं को राजनीति से बचाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों एवं समाज का बटवारा करने वाले लोग गलत रास्ते पर हैं। उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, (बीबीएयू) के शैक्षिक वातावरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षण संस्थान लखनऊ और प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम करेगा।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को बीबीएयू के सभागार में ऑल इण्डिया कांग्रेस ऑफ जुलॉजी (एआईसीजेड) द्वारा आयोजित 26वें सिम्पोजियम के उद्घाटन के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। तीन दिवसीय सिम्पोजियम के लिए ‘इनोवेशन इन एनिमल साइंसेज फॉर फूड सिक्योरिटी, हेल्थ सिक्योरिटी एण्ड लिवलीहुड-2015 विषय निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में पॉलीथीन, गुटखा आदि पर पूर्ण प्रतिबन्ध की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कुलपति के सतत प्रयासों के फलस्वरूप कैम्पस में पहले से काफी बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित किए जा रहे वनस्पति उद्यान एवं गोमती नदी गैलरी के विकास में हर संभव मदद देने का आश्वासन देते हुए कहा कि रमाबाई अम्बेडकर पार्क, विश्वविद्यालय को सुपुर्द करने पर विचार किया जाएगा, जिससे यहां के छात्र-छात्राओं को क्रीड़ा इत्यादि के लिए मैदान मिल सके। ज्ञात हो कि कुलपति ने मुख्यमंत्री से इस पार्क को विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में देने का अनुरोध किया था, ताकि इस पार्क के समुचित रख-रखाव के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को खेल इत्यादि के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे कहा कि आज पूरा विश्व एक गांव के रूप में परिवर्तित हो गया है। सभी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। तेजी से हो रहे परिवर्तन के इस दौर में विशाल आबादी वाला देश भारत, जो न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश भी है, अपने को अलग नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया से स्पर्धा करने में देश के संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं, क्योंकि आधुनिक खोज एवं तकनीक का विकास इन्हीं के माध्यम से किया जा सकता है। इसलिए रिसर्च वर्क में बदलाव के लिए इन शिक्षण संस्थाओं को हर हालत में मजबूत बनाया जाना चाहिए, जिससे यहां की प्रतिभाओं का लाभ देश एवं समाज को मिल सके।

मुख्यमंत्री ने देश एवं दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से आए डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें लखनऊ की तहजीब और नवाबी परम्परा की जानकारी के लिए नगर का भ्रमण करना चाहिए। इन सदस्यों में से जो लोग पहले यहां आए हैं, उन्हें निश्चित रूप से आभास होगा कि लखनऊ एवं प्रदेश बदल रहा है। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी चुनौतियां भी बड़ी हैं, लेकिन राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए काफी काम कर रही है। पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है।