Thursday, September 9, 2021

सीएम अखिलेश यादव के ट्विटर अकाउंट पर अभद्र भाषा में पोस्ट!

11162467_985386181471672_7545462616167610359_nलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ट्विटर अकाउंट पर आपत्तिजनक सामग्री डाली जा रही है। इस ट्विटर अकाउंट पर बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, जिसे अखबार में नहीं छापा जा सकता है। एक दो बार नहीं, कई बार मुख्यमंत्री के ट्विटर पर ऐसी भाषा में बातें लिखी गई हैं, जो आईटी एक्ट के तहत जुर्म हो सकती हैं। यहां पर लैपटॉप वितरण को लेकर भी लिखा गया है कि यह उनकी मिस्टेक थी। इसकी उपयोग……में लोग करते हैं और …की संख्या बढ़ती है। हालांकि देर रात यह जानकारी नहीं हो पाई कि कई महीनों से चल रहा यह अकाउंट कौन संचालित कर रहा है।

इस ट्विटर अकाउंट (https://twitter.com/AkhileshYadavCM) पर सीएम अखिलेश यादव की ओर से लिखा है कि मोदी हो या राहुल, केजरीवाल या उनके पिता जी। कोई भी हो, उनके लिए पैसा मैटर करता है। पैसा और समय हर किसी को बदल देता है। इस ट्विटर अकाउंट पर अश्लील भाषा में बहुत कुछ लिखा है। पूनम पांडे को लेकर भी यहां पर बहुत कुछ लिखा है, जिसे पत्रकार सत्ता यहां पर लिखा जाना सही नहीं मानता है।

कब से ऑपरेट किया जा रहा है यह अकाउंट

सीएम अखिलेश यादव के नाम से यह अकाउंट पिछले साल 18 जून से ऑपरेट किया जाना बताया गया है, लेकिन इसकी हकीकत क्या है, यह साइबर क्राइम विभाग ही बता सकता है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम का फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इसके पहले आजम खां का अकाउंट बनाया गया था, जिसको लेकर विवाद भी हुआ था और अकाउंट बनाकर पोस्ट करने वाले पर कार्रवाई भी हुई थी।

बजता रहा फोन, एसएसपी ने किया अनसुना

एसएसपी यशस्वी यादव से रात सवा आठ बजे फोन कर मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जाती रही, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

सुप्रीम कोर्ट की क्या है गाइडलाइन

सोशल मीडिया पर विवादास्पद कमेंट या कार्टून पर आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत कार्रवाई होती थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा है कि कमेंट करने पर आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है, लेकिन इस धारा के तहत अब मामला नहीं चलाया जा सकेगा। इस धारा को निरस्त किए जाने से अब कमेंट करने पर तुंरत होने वाली गिरफ्तारियों पर रोक लगेगी। हालांकि, इसके बावजूद किसी भी नागरिक को बिना-सोचे समझे कुछ भी कमेंट करने की आजादी नहीं होगी। उसके खिलाफ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि मुंबई में बाला साहेब ठाकरे की अंतिम यात्रा को लेकर साल 2012 में पालघर की शाहीन नाम की एक लड़की ने कमेंट किया था, जिसके बाद रीनू ने उसे लाइक किया था। शिवसेना की नाराजगी के बाद पुलिस ने धारा 66 ए के तहत दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। आजम खां के मामले में भी युवक की गिरफ्तारी हुई थी।

(साभार- हिन्दी दैनिक पत्रकार सत्ता)