Tuesday, September 7, 2021

प्रियंका गांधी को जन्मदिन पर प्रेसीडेंट बनाने की मांग

13लखनऊ।। 12 जनवरी को प्रियंका गांधी का 42वां जन्मदिन है। इस मौके पर एक बार फिर प्रियंका गांधी को राजनीति में लाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इलाहाबाद में कांग्रेस के युवा तेज तर्रार नेता हसीब अहमद ने पोस्टर बैनर लगाकर जन्मदिन के मौके पर प्रियंका को एआईसीसी की कमान सौंपने की मांग की है। उन्होंने सोनिया गांधी से गुजरिश की है कि बेटी को प्रेसीडेंट बनाकर उन्हें जन्मदिन का उपहार दें। हसीब ने dainikdunia.com से यूपी में कांग्रेस के हालात और कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की है।

दैनिक दुनियाः प्रियंका की मांग क्यों करते रहते हैं, जबकि कांग्रेस राहुल को आगे बढ़ाना चाहती है?

हसीब अहमदः राहुल गांधी के पास कार्यकर्ताओं के लिए समय नहीं है। वह बड़े नेताओं के कटघरे में घिर गए हैं। प्रियंका लोगों से बेहतर संवाद करती हैं। मुलाकात होने पर पूरी बात सुनती है। कार्रवाई भी करती हैं। कांग्रेस को हम मिटाना नहीं बचाना चाहते हैं। प्रियंका को एक बार यूपी का प्रभारी बनाया जाना चाहिए। इसके बात कांग्रेस को देखना चाहिए कि हवाओं का रुख किधर है। देश का रास्ता यूपी और बिहार से होकर गुजरता है। ऐसे में हम यूपी को बचाने के लिए प्रियंका की मांग कर रहे हैं।

दैनिक दुनियाः प्रियंका और राहु गांधी से आपकी कितनी बार मुलाकात हुई है?

हसीब अहमदः प्रियंका से तीन बार मिला हूं। उन्होंने पूरी बात सुनी थी। लोगों से प्रदेश की परेशानियों के बारे में बात किया था। वह लोगों के दुख दर्द को समझती हैं। राहुल गांधी से मैं केवल एक बार मिला। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में वर्ष 2013 में हुई थी यह मुलाकात, लेकिन हम कुछ कह पाते इसके पहले 10 सेकेंड के अंदर ही एसपीजी के जवानों ने हमें धक्का देकर दूर कर दिया। राहुल कुछ नहीं बोले।

दैनिक दुनियाः यूपी में इस समय कांग्रेस कहां पर खड़ी है?

हसीब अहमदः इस समय यूपी में जो हालात हैं वह इमरजेंसी के समय भी नहीं थे। हम लोगों ने इमरजेंसी के समय को नहीं देखा है, लेकिन जिन लोगों ने देखा वह बताते हैं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता उस समय भी इतने निराश नहीं थे। इंदिरा जी ने जिस तरह कांग्रेस को इमरजेंसी के बाद मजबूत किया था, उसी तरह प्रियंका गांधी यूपी में कांग्रेस को मजबूत कर सकती है।

दैनिक दुनियाः प्रियंका के साथ आप रहे हों और कोई ऐसी बात हुई हो जिसे लोगों को बताना चाहेंगे?

हसीब अहमदः इस बार के लोकसभा चुनाव में अमेठी चौराहे की बात है। सुबह करीब सात बजे थे। प्रियंका लोगों से मिल रही थी। हम लोग भी साथ थे। प्रियंका ने प्रमोद तिवारी को देखा तो उन्होंने कहा कि तिवारी जी आपको जनता के बीच में होना चाहिए आप यहां क्या कर रहे हैं। प्रियंका कार्यकर्ताओं को समय देती हैं। राहुल 10 से 15 सेकेंड का समय देते हैं। कौन सा कार्यकर्ता है जो अपनी बात इतने कम समय में बता सके।

दैनिक दुनियाः यूपी में कांग्रेस का कार्यकर्ता क्यों निराश है?

हसीब अहमदः यूपी में प्रमोद तिवारी और रीता बहुगुणा जोशी की गुटबाजी चलती है। यहां आप किसके करीबी हैं, सबसे पहले यह सवाल पूछा जाता है। पदाधिकारी बनाते समय इसका खासा ध्यान रखा जात है कि कौन किस खेमे का है। खेमा पूछा जाता है और उसके हिसाब से जिम्मेदारी मिलती है। खेमेबाजी की वजह से कार्यकर्ता नाराज हैं। कांग्रेस में ग्राउंड जीरो पर जो काम करता है, वह राहुल और प्रियंका से नहीं मिल सकता है।

दैनिक दुनियाः यूपी में क्या कांग्रेस के सर्जरी की जरूरत है?

हसीब अहमदः इसके बिना इलाज संभव नहीं है। बेनी प्रसाद वर्मा, श्रीप्रकाश जायसवाल और दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को रसातल में पहुंचा दिया है। आज जिसे सड़क पर होना चाहिए वह कमरे में बैठकर राजनीति कर रहा है। हम विरोधियों से लड़ सकते हैं, लेकिन आज अपने घर के अंदर ही विरोधी पैदा हो गए हैं।

दैनिक दुनियाः आप लोगों ने प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड बनाया है, यह कैसा संगठन है, आगे क्या योजना है?

हसीब अहमदः हम लोगों ने जब प्रियंका को आगे करने की मांग की तो पार्टी से बाहर कर दिया गया। इसके बाद हम सभी ने प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं का संगठन है। इसमें गुटबाजी और तानाशाही नहीं है। इलाहाबाद में राहुल गुट के लोग हमारा विरोध करते हैं, लेकिन हम लोग ऐसा नहीं करते हैं। हमें विरोध नहीं समाज को आगे बढ़ने का रास्ता निकालना है। कई पूर्व पदाधिकारी और वर्तमान पदाधिकारी ने मिलकर एक पत्र कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा है कि पार्टी हित में इन मुद्दों पर अमल किया जाए और यूपी के गुटबाज लोगों पर कार्रवाई करते हुए प्रियंका को कमान सौंपी जाए।

(दैनिक दुनिया संवाददाता अखिलेश कृष्ण मोहन से प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड के संयोजक हसीब अहमद ने अपने इंटरव्यू में ये बातें कही हैं। हसीब इलाहाबाद कांग्रेस के पूर्व शहर सचिव भी रहे हैं।)

फोटोः इलाहाबाद शहर में लगा पोस्टर, दाएं मीडिया से बात करते हुए हसीब अहमद।