Sunday, September 5, 2021

नर्स को 100 रुपए नहीं मिले, तो लेली नवजात बच्ची की जान

लखनऊ. नर्सों की नेग की लालच में एक नवजात बच्ची ने दम तोड़ दिया। नर्सों ने बच्ची के जन्म के बाद कम नेग मिलने पर परिवारीजनों को वॉर्ड के बाहर भगा दिया और प्रसूता की देखभाल भी नहीं की। इस बीच प्रसूता ने जैसे-तैसे बच्ची को स्तनपान करवाया और बेड पर लिटा दिया। मामला शनिवार को डफरिन अस्पताल का है।

 

नर्स

 

नर्स के मनमानी ने ले ली जान

इस बीच दो घंटे तक जच्चा-बच्चा की देखभाल के लिए कोई नहीं आया। दो घंटे बाद मां ने बच्ची को संभाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह पता चलने पर आक्रोशित तीमारदारों ने काफी देर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन से लिखित शिकायत देकर जांच करवाने की मांग की है।

नेग बना जानलेवा

गोलागंज निवासी अंसारी हुसैन ने बताया कि उनकी बेटी खुशनुमा (26) ने तड़के सिजेरियन डिलीवरी के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद ओटी में कर्मचारी, आया, नर्स और सुरक्षा गार्ड ने नेग के नाम पर एक हजार रुपये लिए। इसके बाद प्रसूता को वॉर्ड नंबर तीन में बेड नंबर 27 पर भर्ती कर किया गया।

हुसैन के मुताबिक, यहां भी नर्स ने नेग के नाम पर 400 रुपये मांगे, तो उसे 300 रुपये दिए, लेकिन वह इतने में नहीं मानी। आरोप है कि मनमाफिक नेग न मिलने पर वह अभद्र भाषा का उपयोग करने लगी और इलाज बंद करने की धमकी दी। बाद में तीमारदारों को वॉर्ड में न रुकने का हवाला देते हुए सबको बाहर निकाल दिया।

तीमारदारों ने बताया कि घर की एक महिला सदस्य को प्रसूता के पास रोकने के लिए मिन्नत की, लेकिन नर्स ने एक न सुनी।

शरीर नीला पड़ चुका था

उधर, प्रसूता टांकों के दर्द के कारण बैठ भी नहीं पा रही थी। इन हालात में उसने लेट हुए जैसे-तैसे बच्ची को दूध पिलाया। इसके दो घंटे बाद उसने बच्ची को देखा, तो उसका शरीर नीला पड़ चुका था और सांसें थम चुकी थीं। यह देखकर प्रसूता चीख-चीखकर रोने लगी। उसकी चीख पुकार सुनकर दूसरे तीमारदार और नर्स मौके पर पहुंचे।

परिवारीजनों को बच्ची की मौत का पता चला तो हंगामा करने लगे। बाद में अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को शांत करवाया।

50 रुपये में मिलता है प्रवेश

प्रसूता के पिता अंसारी ने बताया कि प्रसूता की मां व बहन शनिवार सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक गेट के बाहर रहीं, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके उलट जो तीमारदार 50 रुपये दे रहे थे, उन्हें आसानी से प्रवेश दिया जा रहा था।

सांस की नली में फंस सकता है दूध

डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रमाकांत ने बताया कि जन्म के बाद नवजात को गोद में बैठा कर दूध पिलाना चाहिए। साथ ही दूध पिलाने के बाद उसे कंधे पर रखकर डकार दिलानी चाहिए। ऐसा नहीं करने से नवजात की सांस की नली में दूध फंस सकता है। इससे उसकी जान को खतरा रहता है।