Monday, September 6, 2021

डाइवर्सिटी मैन पर डॉ. कौलेश्वर ‘प्रियदर्शी’- डॉ. अनीता की किताब चर्चा में

अखिलेश कृष्ण मोहन : पुस्तक समीक्षा

लखनऊ. 100 के करीब किताबों के लेखक व पत्रकार एचएल दुसाध डाइवर्सिटी मैन ऑफ इंडिया के रूप में जाने जाते हैं। वह भारत के इकलौते ऐसे पत्रकार हैं, जो डाइवर्सिटी को लेकर पिछले 3 दशक से आंदोलन चला रहे हैं। दुसाध की किताबों और उनके डाइवर्सिटी मिशन को लेकर डॉ. कौलेश्वर ‘प्रियदर्शी’ और डॉ. अनीता गौतम ने डाइवर्सिटी मैन ऑफ इंडिया के नाम से एक किताब लिखी है। यह किताब अपने कंटेंट को लेकर चर्चा में है।

डाइवर्सिटी मैन

 

हर पहलुओं पर रोशनी डालती है किताब

डॉ. कौलेश्वर ‘प्रियदर्शी’ और डॉ. अनीता गौतम पेशे से अलग-अलग संस्थानों में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लेखनी को लेकर काफी मुखर रहते हैं। पुस्तक में यह बताने की कोशिश की गई है कि वर्तमान में डाइवर्सिटी को नजर अंदाज कर हम कितना बड़ा नुकसान कर रहे हैं। हम उस भयावह दौर में गुजर रहे हैं, जहां आपकी आवाज को दबा दिया जाता है। 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा कर भर्तियों में 89 फीसदी की कटौती कर दी जाती है। यह उस भयावह तस्वीर को दिखाता है, जो जानलेवा साबित होगी। युवाओं को बेरोजगार बनाने की फैक्ट्री खोलकर हम क्या दिखाना चाहते हैं।

इस पुस्तक में यह भी बताने की कोशिश की गई है कि बहुजन मूवमेंट को गति देने में 50 फीसदी योगदान डाइवर्सिटी मैन ऑफ इंडिया एचएल दुसाध का रहा है। घंटों बिना थके भाषण देने वाले एचएल दुसाध हर एजेंडे में डाइवर्सिटी का सिद्धांत लागू करवाना चाहते हैं।

किताब की कीमत है 100 रुपए

किताब में लिखा गया है कि मात्र 10वीं तक पढ़ने वाले दुसाध ने किस तरह 100 से अधिक किताबों को लिख डाला, यह अपने आप में उनकी समाज और डाइवर्सिटी के प्रति सोच और चाहत का ही नतीजा है। एचएल दुसाध पश्चिम बंगाल के क्लोराइड इंडिया लिमिटेड कंपनी में कर्मचारी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में स्वेच्छा से त्यागपत्र देकर डाइवर्सिटी मिशन को और तेज किया है। दुसाध बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। किताब कई नजरिए से रोचक और ज्ञानवर्धक है। डॉ. कौलेश्वर और डॉ. अनीता गौतम ने पुस्तक को सारगर्भित और उपयोगी बनाने की हर कोशिश की है। किताब की कीमत मात्र 100 रुपए है।

पुस्तक लखनऊ के हजरतगंज फर्क इंडिया ऑफिस से प्राप्त की जा सकती है। किताब प्राप्त करने के लिए आप 9554311493 पर फोन कर सकते हैं।

फोटोः किताब का कवर