Monday, September 6, 2021

IAS दुर्गा बनीं केंद्रीय मंत्री की OSD, इन्हें भी मिली है चुनौती

durgaलखनऊ।। आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल अब केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह की ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) होंगी। केंद्र सरकार ने उनकी तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं साथ ही यूपी सरकार से उन्हें तत्काल रिलीव करने को भी कहा गया है।

अवैध खनन के खिलाफ सख्ती बरतने और एक मस्जिद की दीवार गिरवाने पर सस्पेंड होने के बाद दुर्गाशक्ति नागपाल चर्चा में आयी थीं। इस मामले को लेकर यूपी सरकार ने पहले दुर्गा को निलंबित कर दिया था और बाद में बहाल कर दिया गया, लेकिन इस मामले में सोनिया गांधी और तत्काल पीएम मनमोहन सिंह ने भी यूपी सरकार से जानकारी ली थी।

29 साली की दुर्गाशक्ति नागपाल छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1985 में हुआ था। वह कम्प्यूटर साइंस से बीटेक भी हैं। उन्हें भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए जना जाता है। उनकी शादी अभिषेक सिंह से हुई है जो खुद भी आईएएस हैं। दुर्गा 2009 बैट की आईएएस हैं। वह अपनी ईमानदारी के लिए जानी जाती हैं।

मूल रूप से पंजाब कैडर की भारतीय प्रशासनिक अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी अभिषेक सिंह से शादी करके अपना स्थानान्तरण उत्तर प्रदेश में करा लिया था। उनकी पहली तैनाती सितम्बर 2012 के दौरान गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुई। यहां उन्हें सरकार द्वारा सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पद पर तैनात किया गया।

29 वर्षीय युवा व स्वभाव से ही तेजतर्रार इस महिला प्रशासनिक अधिकारी ने यमुना नदी के खादर में रेत से भरी 300 ट्रॉलियों को अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यमुना और हिंडन नदियों में खनन माफियाओं पर नजर रखने के लिए विशेष उड़न दस्तों का गठन किया और उनका नेतृत्व भी स्वयं सम्भाला। इसके चलते वे राजनीतिक हस्तक्षेप की शिकार हो गयीं।

मुख्यमन्त्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत किया था, जिससे संतुष्ट होकर अखिलेश यादव ने उन्हें चंद घंटों के बाद ही बहाल कर दिया था।

ये अधिकारी भी रहे हैं व्यवस्था के लिए चुनौती

एक नज़र ऐसे अधिकारियों पर जिन्होंने निलंबन झेला, इस्तीफ़ा दिया या जो अब भी अपने काम में डटे हैं।

अशोक खेमका

अशोक खेमका का अब तक 43 बार तबादला किया जा चुका है। आईएएस अशोक खेमका यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित एक जमीन सौदे को रद्द करने के बाद चर्चा में आए। अशोक खेमका की पहली पोस्टिंग साल 1993 में हुई थी। 19 साल की नौकरी में उनका 43 बार तबादला किया जा चुका है। इस दौरान अलग-अलग विभागों में आठ पदों उन्होंने एक महीना या उससे भी कम काम किया।

संजीव भट्ट

संजीव भट्ट को 2011 में जेल भी भेजा गया। गुजरात के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के निलंबित अधिकारी संजीव राजेंद्र भट्ट सुप्रीम कोर्ट में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ़ हलफ़नामा दायर करने के बाद सुर्ख़ियों में आए। इस हलफ़नामे में उन्होंने कहा कि गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों में नरेंद्र मोदी की भी भूमिका थी। 

हर्ष मंदर

1955 में जन्में हर्ष मंदर सिंह 1980 में आईएएस बनें थे। आईएएस सेवा से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने नाम से सिंह हटा लिया था ताकि वे किसी एक ख़ास जाति के न लगें। हर्ष मंदर करीब दो दशक तक आईएएस रहे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में तैनात रहे।

कहा जाता है कि हर्ष मंदर ने 1989 में नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौरान उन्होंने मेधा पाटकर और बाबा आम्टे के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने से इंकार कर दिया था।

भूरे लाल

उत्तर प्रदेश काडर के 1955 बैच के आईएएस अधिकारी भूरे लाल 35 साल से अधिक साल तक आईएएस रहे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग समेत कई अन्य अहम पदों पर रहे. अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और निडरता से उन्होंने अलग पहचान बनाई।