Monday, September 6, 2021

EXCLUSIVE : 100 विधायकों को टिकट नहीं देना चाहते सीएम अखिलेश यादव

Mulayam-Singhलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ही विधायकों और मंत्रियों की सुस्ती को लेकर खासे परेशान हैं। वह जब भी पार्टी के नेताओं में जोश भरना चाहते हैं, तो ये मंत्री और विधायक उनकी हवा निकाल देते हैं। ऐसा ही हाल में हुए तीन सीटों के विधानसभा उपचुनाव में हुआ, जिसमें सपा केवल एक सीट बचा पाई। उसे दो सीट का नुकसान हुआ। यही नहीं, एमएलसी के चुनाव में भी भले ही सपा की बहुमत की सरकार है, लेकिन मुलायम सिंह यादव के रिकॉर्ड को तोड़ने में वह नाकाम रही है। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने सत्ता में रहते हुए 31 सीटें जीती थी।

सूत्रों की माने तो इस तरह विधायकों और मंत्रियों के लचर रवैए से मुख्यमंत्री और नेताजी दोनों नाराज हैं। इसबार विधानसभा चुनाव की कमान नेताजी अपने हाथ में रखने के मूड़ में हैं, तो वहीं पर विधायकों और मंत्रियों का फीडबैक उन्हें देने का काम मुख्यमंत्री और शिवपाल यादव बखूबी कर रहे हैं। कुछ मंत्रियों की रिपोर्ट को लेकर सीएम ही नहीं नेताजी भी नाराज हैं। ये मंत्री न तो अपने क्षेत्र में पिछले चार साल से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा पाए हैं और न ही जनता का भरोसा कायम रख पाए। इसकी वजह से इनका टिकट सीएम काटना चाहते हैं। इसकी लिस्ट भी फाइनल की जा रही है। इसके बारे में जल्द ही फैसला लिया जा सकेगा, क्योंकि सपा भी अब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का एलान जल्द करना चाहती है, जिससे विधायकों को टिकट तय होने के बाद तैयारी और जनता के बीच पैठ बनाने के लिए समय मिल सके।

कुछ मंत्री तो ऐसे हैं, जिनको लेकर मुख्यमंत्री ने फैसला नेताजी पर ही छोड़ दिया है। क्योंकि इन मंत्रियों के तालुकात तो नेताजी से हैं, लेकिन उनका रिपोर्ट कार्ड बेहद गंदा है। वह न तो अपने विभाग को चमका पाए हैं और न ही सरकार के योजनाओं को जनता तक पहुंचा पाए। इस लिए उनका टिकट काटा जा सकता है। फैसला नेताजी को ही करना है।

जिन विधायकों के टिकट काटे जाने की तैयारी चल रही है, उसमें अधिकतर वो विधायक है, जिनकी रिपोर्ट को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि वह चुनाव के मैदान में अब टिक पाएंगे। कुछ नेताओं को भ्रम जरूर है कि वह हर बार चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन इस बार उनके टिकट कट जाएं, तो कोई चौकाने वाली बात नहीं होगी। एससी (सिड्यूल्ड कास्ट) विधायकों के सबसे अधिक टिकट बदले जाने की उम्मीद है। क्योंकि ये विधायक चुनाव जीतने के बाद यदि मंत्री भी बने हैं, तो वह सक्रिय नहीं बल्कि निष्क्रिय ही रहे हैं।

अमर सिंह की बोलेगी तूती

इस बार विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे में अमर सिंह का फैक्टर भी जोरदार तरीके से चलने जा रहा है। वह न केवल खुद राज्य सभा जा रहे हैं, बल्कि पूरे प्रदेश के करीब 50 विधानसभा उम्मीदवारों का टिकट भी उनकी रजामंदी पर फाइनल किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव का जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना भी तय हो गया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी राजलक्ष्मी भी चुनाव लड़ सकती हैं। उनकी सीट को लेकर अभी फैसला होना है। कुल मिलाकर इस बार अखिलेश यादव के साथ-साथ शिवपाल यादव का परिवार भी चुनाव में पूरी तरह से उतरने जा रहा है।

फोटोः फाइल।