Sunday, September 5, 2021

BSP बचा सकती है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, दिल्ली चुनाव है आखिरी मौका

25लखनऊ।। (अखिलेश कृष्ण मोहन)  दिल्ली विधानसभा चुनाव मायावती के लिए काफी अहम है। यह चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बचाने के लिए आखिरी मौका है। इस बार पार्टी दो से अधिक विधायक जिता पाई या वोट फीसद बढ़ा, तो उसकी राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता बच सकती है।

महाराष्ट्र-हरियाणा और अब झारखंड व जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनावों के नतीजों से बीएसपी की राष्ट्रीय मान्यता खतरे में पड़ गई है। लोकसभा चुनाव में खाता नहीं खोल पाने के बाद पार्टी ने राष्ट्रीय मान्यता बरकरार रखने के लिए इन चार राज्यों के विधानसभा चुनावों तक का समय मांगा था, लेकिन नतीजे आने के बाद बनी स्थितियां ठीक नहीं रहीं हैं।

झारखंड और जम्मू कश्मीर में हाथी फेल

बीएसपी ने झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 68 पर प्रत्याशी उतारे थे। सिर्फ पलामू की हुसैनाबाद विधानसभा सीट पर ही पार्टी को जीत हासिल हुई है। यह जीत भी तब मिली, जब हुसैनाबाद, यूपी के सोनभद्र से सटा हुआ है और यहां आदिवासी और दलित वोटों का भी प्रभाव काफी है।

जम्मू कश्मीर में तो 87 विधानसभा सीटों में से बीएसपी ने 50 पर प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया था। 36 प्रत्याशी जम्मू से लड़े और 14 कश्मीर से। सिर्फ कठुआ सीट पर बीएसपी प्रत्याशी को सर्वाधिक 29 हजार वोट मिले हैं। यह सीट बीजेपी प्रत्याशी ने 35 हजार वोट पाकर जीती है। सूत्र बताते हैं कि कश्मीर में प्रत्याशियों का टोटा रहा। पहाड़ पर हाथी को चढ़ाने के लिए सात दिसंबर को पार्टी प्रमुख मायावती ने जम्मू में विशाल रैली भी की, लेकिन भीड़ वोट में तब्दील नहीं हो सकी। दोनों राज्यों में अधिकांश प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।

राष्ट्रीय पार्टी के क्या हैं मानक और फायदे

राष्ट्रीय पार्टी के लिए चार राज्यों में कम से कम छह प्रतिशत वोट या तीन चौथाई लोकसभा सीटों पर कम से कम दो फीसदी वोट मिलना आवश्यक है। या किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता के लिए चार राज्यों में राज्य की पार्टी के तौर पर मान्यता होनी चाहिए। सिंबल आर्डर 1968 के तहत यदि कोई दल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा गंवा देता है, तो उसे एक सिंबल पर पूरे देश में चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं रहता है। राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त दल ही एक सिंबल पर पूरे देश में चुनाव लड़ सकते हैं।

फाइल फोटोः बीएसपी प्रमुख मायावती।