Wednesday, September 1, 2021

धनतेरस पर सोना खरीदने जा रहे हैं तो इन 5 बातों का रखें खास ध्यान !

बिजनेस डेस्क. धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। दीपावाली से पहले खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में तेजी आ गई है। सोने के बढ़ते दामों से तो लग रहा है कि इस फेस्टिव सीजन सोने की ज्वैलरी की बिक्री प्रभावित हो सकती है। बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना करीब छह वर्ष के उच्चतम स्तर 32,780 रुपये को छूने के बाद सप्ताहांत में 32,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। आइए यहां जानें सोना खरीद रहे हैं तो आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा।

धनतेरस

2 लाख से अधिक पर पैन देना होगा-अगर आप 2 लाख रुपए या इससे अधिक कीमत के सोने की खरीदारी करते हैं तो आपको पैन की जानकारी देनी होगी। वहीं अगर आप अपनी घोषित आय से सोना खरीद रहे हैं तो इसके लिए कोई सीमा नहीं है। आप कितना भी सोना खरीद सकते हैं। घोषित आय का मतलब उस इनकम से है जो आपने रिटर्न में बताया है। अगर आपने आयकर रिटर्न में बताए सीमा से कहीं अधिक का सोना खरीदा ओर आयकर विभाग को लगा कि यह आपके आय से मेल नहीं खाता है तो वह सोना जब्त भी कर सकता है।

सोने की दुकान से हमेशा हॉलमॉर्क वाली ज्वैलरी ही खरीदें। हॉलमार्क लगी ज्वैलरी इस बात की गारंटी है कि ज्वैलरी शुद्ध है क्योंकि यह निसान भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिया जाता है। अगर हॉलमार्क वाले आभूषण पर 999 लिखा है तो सोना 99.9 फीसदी शुद्ध है। अगर, हॉलमार्क के साथ 916 का अंक लिखा हुआ है तो वह आभूषण 22 कैरेट का है और 91.6 फीसदी शुद्ध है।

किसी ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग का निसान वास्तविक या नकली है इसकी पहचान करना बहुत ही आसान है। असली हॉलमार्किंग पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है।

पत्थर लगी सोने की ज्वैलरी खरीदने से बचना चाहिए। इसकी वजह यह है कि सोने की ज्वैलरी में जो पत्थर लगे होते हैं वो कोई कीमती नहीं बल्कि मामूली पत्थर होते हैं। यानी उस पत्थर की कीमत कुछ भी नहीं होती है।

सोने की ज्वैलरी कभी भी 24 कैरेट गोल्ड से नहीं बनती है। यह 22 कैरेट में बनती है और हमेशा 24 कैरेट गोल्ड से सस्ती होती है।