Tuesday, September 7, 2021

कैदियों को मिलेगा नए साल का तोहफा, मोबाइल पर करेंगे बात

pn-18-july-photoलखनऊ ।। यूपी सरकार जेल के कैदियों के लिए नए साल का तोहफा देने जा रही है। प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया के मुताबिक, सरकार द्वारा प्रदेश के जेलों में बंद कैदी अपने घर जेलों में लगे पीसीओ से अब प्री-पेड मोबाइल सर्विस के माध्यम से भी बात कर सकेंगे।

इसके पहले बंदी जेल पीसीओ से पोस्ट-पेड मोबाइल सर्विस पर या लैंडलाइन फोन पर सत्यापन के बाद ही बात कर पा रहे थे, जिससे लगभग 90 फीसदी बंदी अपने परिवार से बात नहीं कर पाते थे, क्योंकि अधिकतर बंदियों के परिवार के पास पोस्ट-पेड मोबाइल सर्विस और लैंडलाइन फोन नहीं थे।

यूपी सरकार के इस फैसले से बंदियों और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी है। जेल मंत्री ने बताया कि बंदी और उनके परिवार के लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार, खासकर मुख्य मंत्री अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। रामूवालिया ने कहा कि इस फैसले से बंदी मुलाकातों में और बंदी के परिवार को बंदियों से मिलने आने के साधनों व अन्य खर्चों में भी कमी आयेगी।

रामूवालिया ने यह भी बताया कि पैरोल देने की प्रकिया में बंदी और उनके परिवार को बहुत ही मुश्किलों और अपमान का सामना पड़ता है। जैसे की पकिस्तान की कराची की जेल से कोई कैदी पैरोल मांग रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा पैरोल प्रक्रिया को सरल बनाने पर विचार किया जा रहा है। डीएम और एसएसपी की संस्तुति के बाद पैरोल दिए जाने के नियम को बदल कर सरकार द्वारा 40 दिनों तक की पैरोल दिए जाने का अधिकार जेल अधीक्षक को दिया जायेगा, ताकि बंदी परिवार को अनावश्यक मुश्किलों का सामना न करना पड़े। साथ ही पैरोल वृद्धि में पुनः डीएम और एसएसपी की संस्तुति लेने की प्रक्रिया को भी समाप्त करने पर विचार किया जा रहा और जल्द ही बंदियों के हित में एक सरल प्रकिया स्थापित की जाएगी।