Wednesday, September 1, 2021

इंडिया वॉयस चैनल के चेयरमैन समेत 5 पर फायरिंग का केस, SSP गंभीर नहीं !

लखनऊ. इंडिया वॉयस चैनल के चेयरमैन राशिद नसीम पर लखनऊ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। राशिद नसीम पर अपने भाई के साथ मिलकर 3 गुर्गों द्वारा प्रॉपर्टी कारोबारी पर जानलेवा हमला करवाने का आरोप है। हालांकि बताया जा रहा है कि पूरे मामले को लेकर एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार आरोपियों के ही बचाव में उतर आए हैं। दीपक कुमार ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अपराधियों को पकड़ने की जगह पूरे मामले को संदिग्ध बताकर जिस प्रॉपर्टी कारोबारी पर फायरिंग हुई उसकी गाड़ी और कपड़े की जांच की बात कही है।

 

इंडिया वॉयस

 

एसएसपी दीपक कुमार का मामले पर…

सीएम योगी जहां पूरे प्रदेश में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए व इससे निपटने के लिए यूपीकोका की तैयारी कर रहे हैं, वहीं पर लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार एक प्रॉपर्टी बिल्डर पर फायरिंग के आरोपियों को बचाने में जुटे हैं। इसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है। लखनऊ में एक सप्ताह पहले ही बीजेपी के पूर्व विधायक के बेटे की प्रॉपर्टी विवाद में ही सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, इसके बाद भी एसएसपी दीपक कुमार का मामले पर संदेह पैदा करना कई सवाल उठाता है।

प्रॉपर्टी कारोबारी थे राशिद नसीम

जानकारी के मुताबिक, कभी प्रॉपर्टी बेचने और चिटफंड कंपनी चलाने का धंधा करने वाले राशिद नसीम अब खुद को इंडिया वॉयस का प्रेसीडेंट बताते हैं। हालांकि बात करने पर पता चला है कि इंडिया वॉयस के चेयरमैन अनिरुद्ध यादव हैं। एसएसपी और जिलाधिकारियों पर रौब जमाने के लिए राशिद नसीम ने लखनऊ में खुद के इंडिया वॉयस का प्रेसीडेंट होने के बोर्ड भी लगा रखा हैं।

 

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मामले की हकीकत जानने के लिए राशीद को उनके दो नंबरों पर फोन किया गया, मैसेज भी किए गए, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बताया जा रहा है कि केस दर्ज होने के बाद भी इसी राशिद नसीम को बचाने में एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार जुटे हुए हैं।

राशिद के खिलाफ एफआईआर

राशिद नसीम पर गुलाम नबी खां ने आरोप लगाया और FIR दर्ज करवाया है कि उसके गुर्गों ने ही 22 दिसंबर की रात में गोमतीनगर में फायरिंग कर जान लेने की कोशिश की थी। फायरिंग के दौरान कई गोलियां गाड़ी पर लगी हैं, लेकिन एक गोली निकल कर गुलाम नबी खां के सीने में भी लग गई थी। एक ही बाइक पर सवार तीनों बदमाश फायरिंग के बाद भाग निकले थे। पूरे मामले का वीडियो सीसीटीवी में है। इसके बाद भी एसएसपी आरोपियों को बचाने के लिए इसे फर्जी बताने में जुटे हैं।

फायरिंग करने वालों तक नहीं पहुंची पुलिस

यही नहीं, नामजद केस दर्ज होने के बाद भी पुलिसवालों ने आरोपियों को पकड़ने तक की कोशिश नहीं की, बल्कि हमले में घायल गुलाम नबी खां को ही परेशान करने लगे। उनके कपड़े और गाड़ी को पुलिस ने जब्त कर जांच करने की बात कर रही है।

एसएसपी क्यों नहीं करना चाहते कार्रवाई

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हिमांशु राय इंडिया वॉयस चैनल में डायरेक्टर हैं। राशीद नसीम के ऊपर पहले ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। एक लड़की से छेड़छाड़ को लेकर साईन सिटी का गोमती नगर का दफ्तर भी सील कर दिया गया था। इसमें भी राशीद नसीम का नाम सामने आया था। एसएसपी दीपक कुमार और हिमांशु राय के बीच करीबी रिश्ता बताया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि इसी की वजह से हिमांशु की बात को एसएसपी मान रहे हैं और राशीद नसीम के खिलाफ नामजद एफआईआर होने के बाद भी कार्रवाई से बचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी कर सकते हैं कार्रवाई

मामले की गंभीरता का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि हाल ही में लखनऊ में बीजेपी के एक नेता के बेटे की प्राप्रटी विवाद में ही हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पूरे मामले पर योगी सरकार काफी सख्त हो गई है। रशीद नसीम पर केस दर्ज किए जाने और गुलाम नबी पर हमले की शिकायत योगी आदित्यनाथ और गृह विभाग तक पहुंच गई है। सूत्रों की माने तो राजधानी लखनऊ में अपराध को रोकने में नाकाम और टालमटोल की वजह से कभी भी एसएसपी दीपक कुमार हटाए जा सकते हैं।

 

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