Tuesday, September 7, 2021

फंस गए गृहमंत्री साहब, 3 दिन से छुपाई जा रही द्रोहियों की पहचान, FB पर लगी है आग

j1कोर्ट में पत्रकारों को भी बदमाश वकीलों ने पीटा, मोबाइल झीनकर की पिटाई, कन्हैया के बहाने पत्रकारों पर हमला

किसने कहा कन्हैया ने नारे लगाए ?, इसकी जानकारी 3 दिन बाद भी सरकार को नहीं है।

जम्मू में भाजपा को अफजल समर्थकों के साथ मिलकर सरकार बनाने की जल्दी है। फिर विरोध कैसे करें।

लखनऊ ।। संघ और भाजपा की जेएनयू में साजिश अब सामने आने लगी है। यहां पर क्या किया गया और करवाया गया इसको लेकर अब प्रोफेसर और पत्रकार भी मुखर हो कर कहने लगे हैं कि यह एबीवीपी का प्लांटेड मामला था। यही वजह है कि देश के गृहमंत्री को भी घुटने टेकने पड़े और पहली बार उन्होंने कहा कि इसको देखना पड़ेगा। कल तक तल्ख तेवर दिखाने वाले राजनाथ अब पार्टी और एबीवीपी के लोगों के फंसने को लेकर बेचैन हैं।j1

सोशल मीडिया पर जेएनयू में हुआ मामला ही बड़ा मुद्दा बना हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल लिखते हैं कि अब जब यह साफ़ है कि पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाले और कोई नहीं, एबीवीपी के छात्र थे, इन देश द्रोहियों को सलाखों के पीछे डाला जाय और कन्हैया को मुक्त किया जाए।

वहीं दूसरी ओर बीएचयू के प्रोफेसर रहे चौथीराम यादव लिखते हैं कि कन्हैया की रिहाई की मांग के साथ जेएनयू में छात्र-छात्राओं की हड़ताल का शिक्षकों ने किया समर्थन किया है । हम जेएनयू के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के साथ खड़े हैं। लप्फ़ाजी करना अब तो बन्द कर दीजिए राजनाथजी, अब आप देश के गृह मंत्री हैं। भाजपा के चाकर और RSS के गुलाम नहीं।c2c3