Thursday, September 2, 2021

रोहित बेमुला को लेकर कल सड़कों पर उतरेंगे छात्र, जेएनयू स्कॉलर होंगे शामिल

rohit-vउच्चशिक्षण संस्थानों में कथित ब्राह्मणवाद और रोहित वेमुला मुद्दे को लेकर होगा प्रदर्शन

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। स्कॉलर रोहित बेमुला का मुद्दा बीजेपी को महंगा पड़ रहा है। आरोप तो यहां तक है कि इस मुद्दे पर राख डालने के लिए ही जेएनयू में देशभक्त और देशद्रोह का नारा दिलवाया गया, लेकिन यह मुद्दा अब बीजेपी के गले की फांस बन रहा है। 23 और 24 फरवरी को दो दिन विभिन्न दलित और सामाजिक न्याय की मांग कर रहे संगठनों ने मार्च बुलाया है, जिसमें बामपंथी छात्र संगठनों ने भी हाथ मिला लिया है। इसमें जेएनयू के छात्र भी शामिल होंगे। इससे घबराई केंद्र सरकार ने आनन-फानन में 24 फरवरी को संसद में पूरे मामले की चर्चा करवा सकती है।

छपवाए गए पोस्टर में लिखा है कि रोहित वेमुला के इंस्टीट्यूशनल मर्डर और उच्च शिक्षण संस्थानों में ब्रह्मणिज्म को लेकर यह प्रदर्शन किया जाएगा। सुबह 11 बजे अंबेडकर भवन से जंतर-मंतर तक रैली होगी इसके बाद 24 फरवरी को इंडिया गेट पर कैंडल लाइट मार्च किया जाएगा।

जेएनयू और कई सामाजिक न्याय के संगठनों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार की बेचैनियां बढ़ गई हैं। सबसे बड़ा मुद्दा तो यह है कि यदि जंतर-मंतर और अंबेडकर भवन पर छात्रों ने जमावडा किया तो बड़ी मुश्किल हो सकती है।

रोहित बेमुला और जेएनयू मामले को भुनाने के लिए जिस तरह से सियासी गोटियां सेकीं जा रही हैं, वह दिल्ली ही नहीं पूरे देश के शिक्षण संस्थानों में बहस का मुद्दा बन रही हैं। पिछले सात दिनों से केंद्र सरकार जेएनयू में प्रदर्शन और नारेबाजी का वीडियो समाने नहीं ला पाई है। दिल्ली पुलिस भी इस मामले पर पूरी तरह से फेल है। यही वजह है कि पुलिस ने इशारा किया है कि वह कन्हैया कुमार के बेल का विरोध नहीं करेगी।