Friday, September 3, 2021

KGMU: कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र हुई 65, 350 करोड़ की योजनाओं को CM ने दी हरी झंडी

K2लखनऊः ।। DDC News Agency ।। केजीएमयू को दुनिया की नंबर वन संस्था बनाने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। शिक्षकों का वेतनमान एसजीपीजीआई के ही समान होगा और राजकीय मेडिकल कॉलेजों की फैकेल्टी के कर्मचारियों रिटायरमेंट उम्र भी 65 साल कर होगी। ये घोषणाएं यूपी सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केजीएमयू की 350 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को हरी झंडी देते हुए की।

मुख्यमंत्री ने केजीएमयू के कैम्पस को बेहतर बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और यूनिवर्सिटी को विश्वस्तरीय सिग्नेचर बिल्डिंग बनाने के लिए सभी सम्भव मदद का भरोसा दिया है। साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा गांव हो, जहां इलाज के लिए लोगों को अपनी जमीन न बेचनी पड़ी हो। सरकार जनता की इस समस्या से वाकिफ है, इसीलिए गम्भीर बीमारियों के इलाज की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ कई और फैसले भी लिए गए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 350 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। जिन परियोजनाओं का लोकापर्ण किया गया, उनमें आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, विभिन्न प्रकार के आवासों के तीन ब्लॉक, 100 बिस्तरों वाले ब्वायज हॉस्टल, वर्चुअल क्लास तथा हॉस्पिटल कम्प्यूटराइजेशन और फाइबर ऑप्टिकल केबल नेटवर्क फेज़-1 शामिल हैं। इस मौके पर उन्होंने केजीएमयू इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, 250 बिस्तरों वाले गर्ल्स हॉस्टल, 650 बिस्तरों वाले नर्स हॉस्टल तथा 932 बिस्तरों वाले ब्वायज हॉस्टल की आधारशिला भी रखी।

विश्व में केजीएमयू की प्रतिष्ठा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों में कार्यरत यहां के चिकित्सक अपने को जार्जियन कहलाने पर गर्व महसूस करते हैं। राज्य सरकार केजीएमयू की इस प्रतिष्ठा को बनाए रखने और इसमें और अधिक वृद्धि के लिए पूरा सहयोग प्रदान करेगी। सर्वेक्षण से पता चला है कि लोगों को सबसे अधिक कैंसर, हृदय रोग तथा गुर्दे जैसी गंभीर एवं खर्चीली बीमारियों से जूझना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार राजकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में बड़ी बीमारियों के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था कराई गई है।

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