Thursday, September 2, 2021

जानिए क्यों रेलिंग कूदकर फरार हो गए एलडीए वीसी

Untitled-1लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन) ।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिस अधिकारी को एलडीए का वीसी बनाया, उसने पूरी सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। रामपाल यादव की बिल्डिंग को को ढहाने के लिए गया एलडीए दस्ता, जिस समय सत्ता पक्ष के विधायक रामपाल यादव से भिड़ रहा था और सचिव श्रीशचंद्र वर्मा मार खा रहे थे, उस समय एलडीए के वीसी सत्येंद्र सिंह रेलिंग कूदकर भाग रहे थे। एलडीए वीसी ने ऐसी हरकत उस समय की जब उनके एसएसपी राजेश पांडे समेत पांच थाने की पुलिस वहां पर मौजूद थी।

सूत्रों की माने तो एलडीए के वीसी सत्येंद्र सिंह को गुरुवार को रेलिंग कूदकर भागना महंगा पड़ सकता है। वह हकीकत में तो बिल्डिंग को गिराने के लिए थे, लेकिन काफी देर तक एसी गाड़ी में ही बैठे देखे गए। इसके बाद जब विवाद बढ़ने लगा तो वह अफसर की मर्यादा को ताक पर रखते हुए रेलिंग कूद कर भागते हुए फरार हो गए थे। इसे मुख्यमंत्री ने भी गंभीरता से लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री एलडीए वीसी की हरकत तो लेकर इसके पहले से ही खुश नहीं थे। इसके बाद भी सत्येंद्र सिंह को पद से नहीं हटाया था।

राजधानी में और कितने रामपाल

जिस रामपाल यादव को लेकर एलडीए के सचिव श्रीशचंद्र की पिटाई हो गई। रामपाल यादव और उनके समधी पूर्व विधायक राजेंद्र चौधरी को भी पीटा गया। सवाल यह है कि राजधानी में जिस रामपाल यादव की बिल्डिंग गिराई गई उसके जैसे कई रामपाल राजधानी लखनऊ में हैं, लेकिन उनके ऊपर कब कार्रवाई होगी, इसका जवाब सरकार के पास नहीं हैं।

रामपाल यादव छह साल के लिए सस्पेंड

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपाल यादव को दोबारा पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। वह छह साल के लिए पार्टी से निकाले गए हैं, लेकिन सवाल यह उठता है बिल्डिंग गिरए जाने के पहले उन्हें पार्टी से क्यों नहीं निकाला गया। जबकि यह कार्रवाई तो पहले ही तय थी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पार्टी के गुंडे बख्से नहीं जाएंगे, इससे तय हो गया है कि समाजवादी पार्टी में गुंडे थे और हैं। यूपी सरकार खुद अपने ही विधायक के ऊपर इस कदर कार्रवाई को लेकर कटघरे में है। इसको लेकर कोर्ट भी सवाल कर सकता है कि क्या वजह रही कि रात में भी एलडीए का बुल्डोजर चलता रहा।

फोटोः एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह रामपाल यादव की बिल्डिंग गिराने गए थे, लेकिन मौके से रेलिंग कूदकर भाग निकले।