Tuesday, August 31, 2021

जानिए 32 दिनों में मोदी ने कितनी बार बढ़ाए पेट्रोल के दाम

Petrol-prices_2540228bलखनऊ ।। आधी रात से राजधानी लखनऊ-दिल्ली समेत पूरे देश में पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगे हो गए। पिछले एक महीने में ये तीसरी बढ़ोतरी है। तेल कंपनियों ने 30 अप्रैल को पेट्रोल 1.06 रुपएलीटर महंगा किया था। 15 मई को 83 पैसे प्रति लीटर महंगा किया और फिर 31 मई को 2.58 रुपए लीटर महंगा हो गया।

यही हाल डीज़ल का भी रहा है। सरकारी तेल कंपनियों ने 30 अप्रैल को डीज़ल 2.94 रुपए प्रति लीटर महंगा करने का फैसला किया, 15 मई को 1.26 रुपए लीटर महंगा और फिर 31 मई को 2.26 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया।

पिछले एक महीने में ये तीसरा मौका है, जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमत बढ़ाई हैं। एक महीने में दिल्ली में पेट्रोल 4.47 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ, जबकि डीज़ल 6.46 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ। तेल कंपनियों की दलील है कि अंतरराष्‍ट्रीय बाज़ार में जिस रेट पर भारत तेल खरीदता है, वो महंगा हुआ है और इसी वजह से उन्हें कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। लेकिन ये अहम है कि इंडियन ऑयल की नेट कमाई 2015-16 में 10, 399 करोड़ रही, जो 2014-15 के मुकाबले दोगुनी थी। जबकि 2015-16 में BPCL का नेट प्रॉफिट 7,431.9 करोड़ हो गया।

अनुमान के मुताबिक, 2016-17 में पेट्रोलियम पदार्थों पर एक्साइज़ ड्यूटी से सरकार को 39,500 से 40,000 करोड़ की कमाई की उम्मीद है। बुधवार को कैबिनेट ब्रीफिंग में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास से ये पूछा गया कि क्या सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाकर आम लोगों पर बोझ कम करेगी? तो उन्होंने कहा कि एक्साइज़ ड्यूटी से कमाई का इस्तेमाल विकास के काम को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी है। शक्तिकांत दास ने कहा, ‘हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतें घटी-बढ़ी हैं। कभी पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें घटाई गईं, तो कभी बढ़ाई गई। सरकार हालात पर नज़र रख रही है।’

तेल विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरराष्‍ट्रीय बाज़ार में डिमांड अब बढ़ने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में कच्चा तेल 50 डॉलर के आसपास रहेगा। यानी फिलहाल आने वाले समय में ये उम्मीद है कि पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में ज़्यादा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है।

फोटोः फाइल।