Tuesday, September 7, 2021

प्रशांत किशोर की वेबसाइट बंद, ब्लैक लिस्टेड हो सकती है आईपैक

pkupdateकंसलटेंट बनाकर प्रशांत किशोर की कंपनी ब्लैक मनी को ह्वाइट बनाने का काम करती है। इस कंपनी में प्रशांत किशोर खुद भी कंसलटेंट ही हैं। यह कंपनी कुल एक साल ही पुरानी है। गुजरात में इस कंपनी ने प्रचार के लिए कितने पैसे लिए और कितना खर्च किया, इसका कोई लेखा जोखा इनकी वेबसाइट पर भी नहीं है। अरबों रुपए की जानकारी देने से बचने के लिए वेबसाइट को अंडर कांस्ट्रक्शन लिखकर चलाया जा रहा है।

अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

प्रशांत किशोर की वेबसाइट का हाल यह है कि यहां पर कोई जानकारी नहीं है। काफी दिनों से केवल अंडर कांस्ट्रक्शन लिखकर ही वेबसाइट चलाई जा रही है। वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करिए http://indianpac.com

लखनऊ ।। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रशांत किशोर उर्फ पीके की आई-पैक कंपनी ब्लैक लिस्टेड हो सकती है। अनियमित्ताओं और फंड छुपाने को लेकर आयकर विभाग पीके को जेल भी भेज सकता है। यही नहीं, उनके खिलाफ ईडी और अन्य जांच एजेंसियां भी अपनी कार्रवाई शुरू कर सकती हैं। इसको लेकर अब उत्तर प्रदेश में माहौल गर्म होने लगा है। यदि ऐसा होता है, तो कांग्रेस के लिए न केवल एक बड़ा झटका होगा, बल्कि इससे पीके की प्रतिष्ठा पर भी दाव लग सकती है।

मामला प्रशांत किशोर के आय के स्रोत और उनकी टीम को लेकर खर्च पर उठ रहे सवाल का है। पहले भाजपा और फिर जनता दल यूनाइटेड का पीआर देखने के बाद, अब वह कांग्रेस को यूपी में स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच कुछ पार्टियों ने यह सवाल भी उठाने शुरू कर दिए हैं कि पीके को फंडिंग कितनी मात्रा में और कौन कर रहा है।

प्रशांत किशोर की कंपनी का नाम आई-पैक (INDIAN POLITICAL ACTION COMMITTEE) है। यह कंपनी अमेरिका में कंपनी बनाए जाने की तर्ज पर बनी है। इसका काम सियासी दलों के प्रचार प्रसार को लेकर काम करना है। इस कंपनी में कितने लोग काम करते हैं, इसकी जानकारी भी बहुत कम ही दी जाती है। यही नहीं, उनकी कंपनी में आईआईटी व आईआईआईएम के छात्रों को नौकरी दी जाती है, लेकिन इन्हें कितनी मोटी सैलरी दी जा रही है, यह अब सवाल उठने लगा है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को यूपी में घेरने की तैयारी कोई और नहीं, बल्कि पार्टी विशेष के लोगों के इशारे पर ही हो रहा है। ऐसे में यदि पीके अपनी कंपनी के आय के स्रोत और खर्च को लेकर सही आंकड़ा नहीं दे पाए तो आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां कभी भी उनकी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर उनके ऊपर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।

फोटोः प्रशांत किशोर की कंपनी आईपैक के वेबसाइट की आज दिनांक 21 मई की ताजा तस्वीर है।