Thursday, September 2, 2021

राफेल डील पर आए SC के फैसले पर मायावती ने कही ये बड़ी बात !

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने राफेल विमान सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के सभी याचिका खारिज करने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मायावती ने कहा कि भाजपा को देश की शीर्ष अदालत के इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही उन्होंने देश में रक्षा सौदों में सुधार करने की सलाह भी दी है।

मायावती

मायावती ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे में धांधली की बाबत सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले से संकट में घिरी केन्द्र की सरकार को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा खरीदों के सम्बन्ध में जनता की धारणाओं व आशंकाओं का उचित तौर पर समाधान निकालने के लिए जरूरी है कि इसमें सरकारी स्तर पर आधारभूत सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि वैसे भी देश के व्यापक हित में केंद्र सरकार को सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों को विश्वास में लेने के साथ देश की सुरक्षा सम्बंधी सभी अहम जरूरत को ध्यान में रखकर सैन्य व अन्य रक्षा सौदों की खरीद के सम्बंध में दीर्घकालीन व पारदर्शी नीति तैयार करना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ इन मामलों को कोर्ट व कचहरी में भी जाने से बचा जा सके।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती मध्य प्रदेश में पार्टी के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा में चार सीट जीतने वाली बहुजन समाज पार्टी से इस बार दो विधायक जीते हैं। मायावती ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।

बहुजन समाज पार्टी को इस बार मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जैसे नतीजों की उम्मीद थी, वैसे नतीजे सामने नही आए। मायावती ने मध्य प्रदेश में जोरदार प्रचार किया था। ऐसे में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद वहां के प्रभारी रामअचल राजभर और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवर को हटा दिया है। इसके साथ ही बसपा की मध्य प्रदेश कार्यकारिणी भी भंग कर दी गई है।

मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम को मध्य प्रदेश का प्रभारी और डीपी चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बसपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रहे रामअचल राजभर अब बिहार का काम देखेंगे। बहुजन समाज पार्टी ने मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में चार सीट जीती थी। इस बार दो ही विधायक जीत पाए हैं। पिछली बार के विधायक इस बार अपनी सीट नहीं बचा सके जबकि इस बार पार्टी के वोट प्रतिशत में भी कमी आई है। पिछली बार पार्टी को छह फीसदी वोट मिले थे। इस बार दो प्रतिशत कम हो गए हैं।