Saturday, August 28, 2021

बस्तीः सपा कार्यकर्ताओं के बीच एक उम्मीद बने MLC संतोष यादव

SANTOSH-YADAV-MLC-BASTIलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष यादव (उर्फ सनी) के एमएलसी चुने जाने से जिले की पिछड़ी और कमजोर जातियों की उम्मीदें जगने लगी हैं। यहां पर नेता विशेष का सियासी सम्राज्य होने की वजह से लोगों में काफी समय से निराशा थी। यही वजह रही कि संतोष का हर वर्ग के लोगों ने साथ दिया। संतोष यादव बस्ती जिले में उस सामंतवाद को भी तोड़ सकते हैं, जिससे जिला कराह रहा है। एक तरह से देखा जाए तो संतोष यादव सपा कार्यकर्ताओं के बीच एक उम्मीद बनकर निकले हैं। अब उनसे युवाओं को काफी उम्मीदें हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां पर कभी दलित और पिछड़ों को उभरने ही नहीं दिया गया। किसी नेता ने सिर उठाया, तो उसी महेंद्र नाथ यादव की तरह ही स्थानीय चुनावों में ही इस तरीके से हरा कर उलझा दिया गया कि वह इससे बाहर निकल ही नहीं पाया। इसका एक नमूना है कि बसपा सरकार में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव अच्छे वोटों से जीतने वाले महेंद्र नाथ को सपा सरकार में ही हार का मुंह देखना पड़ा। इसको लेकर सरकार के ही मंत्रियों और पार्टी के ही नेताओं ने जिलाधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन किया, लेकिन इसे दबा दिया गया।

12549061_1682121102059676_5948328911519961887_nसियासी गुणा भाग में संतोष यादव का बस्ती का एमएलसी बनना न केवल यहां के युवा नेताओं के उभार को और आगे बढ़ाएगा, बल्कि युवा राजनीति की लहलहाती फसल भी पैदा हो सकती है, लेकिन इसको लेकर वहां के सियासी जानकारों का यह भी कहना है कि मौजूदा जिलाअध्यक्ष राजकपूर यादव की तरह वह भी यदि सामंतवादियों की गोंद में बैठ जाएंगे, तो हालात और बदतर होंगे। गौरतलब है कि राजकपूर यादव बस्ती जिले से समाजवादी पार्टी के ही जिलाअध्यक्ष हैं, वह उस वर्ग से आते हैं जहां पर लोग उन्हें न केवल नेता मानते हैं, बल्कि उनसे एक नेतृत्व की उम्मीद करते रहे हैं। इसके बाद भी राजकपूर ने एक मंत्री विशेष की खुशामद को ही अपनी जिम्मेदारी समझ ली। हालात इस कदर बदतर हो गए कि सपाई ही आपस में भिड़ने लगे। हालांकि अब हालात बेहतर बनाएंगे, इसकी उम्मीद एमएलसी संतोष यादव से की जा सकती है।

संतोष यादव से बस्ती जिले के युवाओं का इस नजरिए से भी जुड़ाव तेजी से हुआ कि वहां पर एक ऐसे नेतृत्व की सख्त जरूरत थी, जो मुख्यमंत्री तक उनकी बात को पहुंचा सके। कुल मिलाकर जनता और सरकार के बीच संतोष यादव पुल का काम कर सकते हैं। वैसे तो आने वाला विधानसभा चुनाव ही बताएगा कि संतोष यादव युवाओं से किस तरह जुड़ पाते हैं, लेकिन यदि वह विधानसभा चुनाव में बस्ती में बेहतर परिणाम लाने में कामयाब हुए, तो उनके और समाजवादी पार्टी के युवाओं के उभार को रोक पाना सामंतवादियों के बस की बात नहीं होगी।

क्या कहते हैं सपाई

समाजवादी पार्टी के तेज तर्रार नेता महेंद्र नाथ यादव कहते हैं कि इससे पार्टी के युवाओं को काम करने का और मौका मिलेगा। संतोष यादव का बस्ती से एमएलसी बनना पूरे जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के लिए भी काफी अच्छा है। हम सभी लोग संतोष यादव को अपने बीच पाकर काफी खुश हैं। सपा के वरिष्ठ नेता राजाराम यादव ने भी इसे पार्टी का सबसे अच्छा फैसला बताया है। उनका कहना है कि इससे पार्टी को जिले में एक जुट करने में मदद मिलेगी। राजाराम यादव बस्ती जिले के जिला अध्यक्ष भी रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य और बस्ती जिले के सहकारी बैंक के चेयरमैन राम केवल यादव कहते हैं कि इससे बड़ा परिवर्तन आएगा। युवा, पार्टी के कार्यकर्ता, नेता सभी को संतोष यादव ने जोड़ा है। उनके काम करने के तरीके ने पार्टी में जोश भर दिया है। 

फोटोः फाइल