Thursday, September 2, 2021

मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं तो जरूर पढ़ें ये ख़बर

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अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ ।। मोबाइल आजकल हर किसी इंसान के दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं में शामिल हो गया है। नेता हों या अभिनेता, कर्मचारी हों या अधिकारी, रिक्सावाला हो या दुकानदार हर किसी की जिंदगी में मोबाइल ने अहम जगह बना ली है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका एक पुर्जा भी ऐसा है, जो आपकी जिंदगी को अंधकारमय बना सकता है। इसे जानना भी बहुत जरूरी है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिल्हौर का रहने वाला सूर्यांश आजकल एक आंख से देख नहीं सकता है। उसके पिता अमित कुमार उसे लेकर दर-दर भटक रहे हैं कि इसका इलाज हो जाए, लेकिन जो रकम उन्हें चाहिए वह जुटा नहीं पा रहे हैं। यही वजह है कि वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

स्थानीय सूचना के मुताबिक अमित की माली हालत ऐसी नहीं है कि वह अपने बेटे के आंख का पांच लाख रुपया देकर ऑपरेशन करा सकें। यही वजह है, यह काम रुका हुआ है। अमित बताते हैं कि यह एक भयंकर हादसा था। वह मोबाइल का उपयोग करते थे, उनके बेटे ने उसकी खराब बैटरी को आग में डाल दिया। इसके कुछ ही देर बार जो बिस्फोट हुआ, उसने परिवार के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर दी। बच्चे की एक आंख की रोशनी धमाके की चपेट में आने से चली गई। सूर्यांश अपने बचपन की इसी गलती की सजा भुगत रहा है।

नन्हा सा बच्चा सूर्यांश खुद कहता है कि मुख्यमंत्री जी मेरी मदद करें। क्या बचपन में की गई एक छोटी सी गलती की सजा मुझे जिंदगी भर भुगतनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री जी आपने हजारों पीड़ितों की मदद की है, मेरी भी कर दो, ताकि लोग मुझे देखकर अपना रास्ता न बदल लें। समाज में मेरा निकलना अशुभ न समझे लोग, कर दो मेरी मदद। माननीय मुख्यमंत्री जी मेरी आंख का ऑपरेशन करा दीजिए, ताकि मैं भी अन्य बच्चों की तरह मुस्कुरा सकूं।

क्या कहते हैं डाक्टर

लखनऊ के डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय कहते हैं कि मोबाइल या फोन की बैटरी को को कभी भी आग के पास न रखें। यही नहीं, बेहतर होगा कि यदि आपका फोन खराब हो गया है, तो उसे घर में ही न रखें। बैटरी से निकलने वाली खराब रेडिएशन तो आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती ही हैं, साथ ही कभी भी घर में आग लगने या गर्मी बढ़ने पर यह खतरनाक साबित हो सकता है। मोबाइल की बैटरी को बहुत ज्यादा धूप में रखना ठीक नहीं है। यदि रखते हैं तो गर्म बैटरी को तुरंत फोन में न लगाएं। जहां तक हो सके तो बच्चों से मोबाइल फोन को दूर ही रखें।

फोटोः पीड़ित सूर्यांश।