Tuesday, September 7, 2021

बर्थ’डे स्पेशल : मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन आज, जानिए कैसे हुई थी राजनीति में एंट्री !

लखनऊ. प्रधानमंत्री बनने का मुलायम सिंह यादव का सपना भले ही अधूरा है, लेकिन उन्होंने पहले ही सियासी दांव में सभी को मात दे दी थी। कहा जाता है कि समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया के संपर्क में आने के बाद 1967 में मुलायम सिंह पहली बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वो 60 का दशक था। यहीं से मुलायम सिंह की पॉलिटिक्स में एंट्री हुई थी।

मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव की कुछ खास बातें…

79 साल पहले आज ही के दिन साल 1939 में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में मुलायम सिंह यादव का जन्म हुआ था। उनका परिवार पहले बेशक राजनीति राजनीति से न जु़ड़ा हो। लेकिन आज उनके परिवार के कण-कण में राजनीति बसती है। देश में उनके परिवार से बड़ा राजनीतिक परिवार शायद ही हो।

भाई, भतीजा, बेटा और बहु हर कोई ब्लॉक और पंचायत स्तर से लेकर संसद तक प्रतिनिधित्व कर रहा है। आज मुलायम जहां खड़े हैं बेशक वो पायदान राजनीति में काफी ऊंचा है लेकिन उनकी उड़ान ज़मीन से शुरू हुई थी। जो काफी विस्तारित दिखाई देती है। नज़र डालिए उनके निजी से राजनीति जीवन पर एक नज़र।

मास्टरी से मुख्यमंत्री तक

22 नवंबर 1939 को मुलायम सिंह एक साधारण परिवार में जन्मे। उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन में B.A, B.T और राजनीति शास्त्र में M.A की डिग्री हासिल की। उनकी पूरी पढ़ाई केके कॉलेज इटावा, एक।के कॉलेज शिकोहाबाद और बीआर कॉलेज आगरा यूनिवर्सिटी से पूरी हुई।

मालती देवी से शादी के बाद साल 1973 में मुलायम सिंह के घर उनके इकलौते बेटे अखिलेश यादव ने जन्म लिया। लेकिन तब तक वो राजनीति की दुनिया में अपने कदम जोरदार तरीके से जमा चुके थे। राजनीति में कूदने के लिए उन्हें प्रेरित करने वाली शख्सियत का नाम राम मनोहर लोहिया था।

साल दर साल राजनीतिक सफ़र

1960: मुलायम सिंह राजनीति में उतरे
1967: पहली बार विधानसभा चुनाव जीते, MLA बने
1974: प्रतिनिहित विधायक समिति के सदस्य बने
1975: इमरजेंसी में जेल जाने वाले विपक्षी नेताओं में शामिल
1977: उत्तर प्रदेश में पहली बार मंत्री बने, कॉ-ऑपरेटिव और पशुपालन विभाग संभाला
1980: उत्तर प्रदेश में लोकदल का अध्यक्ष पद संभाला
1985-87: उत्तर प्रदेश में जनता दल का अध्यक्ष पद संभाला
1989: पहली बार UP के मुख्यमंत्री बनकर कमान संभाली
1992: समाजवादी पार्टी की स्थापना कर, विपक्ष के नेता बने

1993-95: दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद पर काबिज़ रहे
1996: मैनपुरी से 11वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए। केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री का पद संभाला
1998-99: 12वीं और 13वीं लोकसभा के लिए फिर सांसद चुने गए
1999-2000: पेट्रोलियम और नेचुरल गैस कमेटी के चेयरमैन का पद संभाला
2003-07: तीसरी बार यूपी का मुख्यमंत्री पद संभाला
2004: चौथी बार 14वीं लोकसभा में सांसद चुनकर गए
2007: यूपी में बसपा से करारी हार का सामना करना पड़ा
2009: 15वीं लोकसभा के लिए पांचवीं चुने
2009: स्टैंडिंग कमेटी ऑन एनर्जी के चेयरमैन बने
2014: उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ से सांसद बने
2014: स्टैंडिंग कमेटी ऑन लेबर के सदस्य बने
2015: जनरल पर्पस कमेटी के सदस्य बने