Monday, September 6, 2021

पुलिसकर्मियों को नए साल का तोहफा, KGMU में होगा मुफ्त इलाज

kgmuलखनऊ।। इलाज के अभाव में पुलिसवालों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पुलिस के लिए ही नहीं, उनके परिवार वालों के लिए भी चिकित्सा सेवा को मुफ्त करने जा रही है। इससे पुलिस विभाग के कर्मचारियों के ऊपर निर्भर लोगों को भी फायदा होगा।

इसके लिए केजीएमयू और पुलिस विभाग के बीच एक करार किया गया है। जिसमें 40 लाख रुपए पुलिस विभाग ने केजीएमयू के बैंक अकाउंट में जमा भी कर दिया है।

पुलिस वेलफेयर विभाग की ओएसडी डॉ. परवीन आजाद के मुताबिक, एसजीपीजीआई, सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान और इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज के साथ पहले से ही यह करार किया गया है। इसके तहत पुलिस विभाग के कर्मियों को यह सुविधा मिल रही है। यही नहीं, पुलिस कर्मियों को इलाज आसानी से उपलब्ध हो सके, इसके लिए डॉ.राम मनोहर लोहिया संस्थान, विवेकानंद पॉली-क्लीनिक व इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल से भी ऐसा ही करार किया जाएगा।

कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि इलाज के लिए केजीएमयू आने वाले पुलिस कर्मियों का पंजीकरण कर उन्हें कार्ड जारी किया जाएगा। प्रो. रविकांत ने बताया कि इससे केजीएमयू आने वाले पुलिस कर्मियों को इस तरह बगैर किसी तरह का शुल्क दिए इलाज मिलेगा। केजीएमयू बाद में पुलिस विभाग को बिल भेज कर धनराशि हासिल करेगा। SANKHLAL-MANJHI-ADVT

सीएम ने भी दिए मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को सेवायोजित किए जाने के मामलों को एक माह में निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा ने सेवाकाल के दौरान मृत पुलिस कर्मियों के आश्रितों को नौकरी दिए जाने के प्रकरणों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाए जाने तथा शासन में लंबित ऐसे सभी प्रकरणों को एक माह में निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय एनेक्सी कमांड सेंटर में आज प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा की अध्यक्षता में सम्पन्न उच्च स्तरीय बैठक में इन प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गयी। पांडा ने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसमें पूरी पारदर्शिता और तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ऐसी व्यवस्था भी बनायी जाए कि शासन में अनुमति हेतु कोई भी प्रकरण 15 दिन से ज्यादा लम्बित न रहे। जिन प्रकरणों में छूट हेतु उच्चानुमोदन की आवश्यकता हो उन्हें भी समय से प्रस्तुत किया जाए।

फोटोः केजीएमयू के कुलपति प्रो. रविकांत मीडिया को जानकारी देते हुए।