Sunday, September 5, 2021

पाकिस्तान: भारतीय अधिकारियों से बदतमीजी, गुरुद्वारे में जाने से रोका !

लाहौर। पाकिस्‍तान में भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को दो गुरुद्वारों के प्रशासन द्वारा प्रवेश करने से रोक दिया गया। उनके साथ बदतमीजी की गई। इस वजह से अधिकारियों को वापस इस्लामाबाद लौटना पड़ा।

गुरुद्वारे

गुरुद्वारों के प्रशासन का कहना है कि वे भारत में एक फिल्म की स्क्रीनिंग पर परेशान थे कि उन्होंने दावा किया कि सिख समुदाय की भावनाओं को नुकसान पहुंचा है। अरनजीत सिंह और सुनील कुमार नामक दो अधिकारियों को बुधवार रात ननकाना साहिब और गुरुवार को गुरुद्वारा सच्‍चा सौदा में प्रवेश से रोक दिया गया। दोनों गुरुद्वारे पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत में स्थित हैं।

गुरुद्वारे के प्रशासन का कहना है कि भारतीय सरकार ने ‘नानक शाह फकीर’ फिल्‍म के प्रदर्शन की अनुमति देकर सिखों की संवदेनाओं को तोड़ा है। इवैक्‍यू ट्रस्‍ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) का कहना है कि पाकिस्‍तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीजीपीसी) ने अधिकारिक रूप से भारतीय अधिकारियों को प्रवेश करने से रोका है। एक वीडियो में गुरुद्वारे पहुंचने वाले अधिकारी कह रहे हैं कि गुरु के घर में प्रवेश करने से किसी सिख को नहीं रोका जा सकता है। आश्‍चर्य है कि हमें प्रवेश करने से क्‍यों रोका जा रहा है।

पीजीपीसी के अधिकारियों ने इस दौरान यह कहना जारी रखा कि बेहतर होगा कि अधिकारी पूजास्‍थल को छोड़ दें। ईटीपीबी के सचिव तारीक वजीर ने कहा कि हमें भारतीय उच्‍चायोग को पत्र लिखा है कि फिल्‍म के रिलीज होने के बाद किसी भी अधिकारी को गुरुद्वारे नहीं भेजा जाए। भारतीय अधिकारियों ने हमारी सलाह की अवहेलना की।

अधिकारियों ने गुरु नानक की जयंती से संबंधित उत्सवों में भाग लेने के लिए यहां आने वाले भारतीय सिखों के साथ बधाई का आदान-प्रदान करने के लिए सच्चा सौदा गुरुद्वारा का दौरा किया है। हम फिर भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे बोर्ड की अनुमति के बिना किसी भी गुरुद्वारा का दौरा न करें क्योंकि हमें उनके लिए सुरक्षा उपाय करना होगा।

जून महीने में पीजीपीसी के अधिकारियों ने रावलपिंडी के हसन अब्‍दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में प्रवेश करने से भारतीय सच्‍चा हाईकमिश्‍नर अजय बिसारिया और उनकी पत्‍नी को प्रवेश से रोक दिया था।