Thursday, September 2, 2021

परफ्यूम और हेयर जेल से हवा हुई जहरीली, बनी धुंध की असली वजह !

बीजिंग। चीन के विशेषज्ञों ने देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए हेयर स्प्रे, परफ्यूम और एयर रिफ्रेशर में पाए जाने वाले वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों को जिम्मेदार बताया है। बीजिंग में सोमवार को छायी जबरदस्त धुंध के बीच विशेषज्ञों ने यह दावा किया है।

बीजिंग में वायु गुणवत्ता सूचकांक 213 तक पहुंच गया, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अत्यंत अस्वास्थ्यकर की श्रेणी में वर्गीकृत किया है। बीजिंग में 2।10 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं। यहां हर साल वायु प्रदूषण की समस्या रहती है।

इस कारण हवा हुई खतरनाक

– विशेषज्ञों ने खराब वायु गुणवत्ता के लिए वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOC) को जिम्मेदार बताया है।
– वीओसी कार्बन आधारित रसायनों का एक समूह है, जो कमरे के तापमान पर आसानी से वाष्पित हो जाता है।
– पेंट और सफाई उत्पादों जैसे कई आम घरेलू सामग्रियों और उत्पादों से भी वीओसी निकलता है।
– विशेषज्ञों के अनुसार, वीओसी यौगिकों में पीएम 2।5 का स्तर 12 प्रतिशत के करीब होता है।

इन उपायों से कुछ हद तक कमी आई

– हाल के वर्षों में सरकार द्वारा शुरू किए गए उपायों के बाद से प्रदूषण में कुछ हद तक गिरावट आई है।
– 2015 से किये गए इन उपायों में कोयले का सीमित इस्तेमाल और प्रदूषण उद्योगों को क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करना शामिल है।
– चीन वर्षों से धुंध के खिलाफ कठिन संघर्ष रहा है। इसने कुछ चीनी क्षेत्रों में जीवन प्रत्याशा में कटौती की है।
– सरकार ने अपने नागरिकों से जबरदस्त प्रदूषण के दिनों में खुद को बचाने के लिए मास्क और एयर प्यूरीफायर खरीदने को कहा है।

चार-स्तरीय चेतावनी प्रणाली

बीजिंग में प्रदूषण के लिए चार-स्तरीय चेतावनी प्रणाली है। इसमें उच्चतम चेतावनी लाल है, इसके बाद नारंगी, फिर पीली और अंत में नीली चेतावनी होती है। नारंगी चेतावनी का मतलब है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक के लगातार तीन दिनों के लिए 200 से अधिक होने का अनुमान है।

हाई अलर्ट के दौरान, भारी प्रदूषक वाहनों और निर्माण कचरे वाले ट्रकों का चलना प्रतिबंधित कर दिया जाता है। कुछ निर्माण फर्मों की ओर से उत्पादन में कटौती की जाती है।

औसत सांद्रता में आई गिरावट

बीजिंग नगर पर्यावरण संरक्षण ब्यूरो ने गुरुवार को बताया कि जनवरी से सितंबर तक, बीजिंग में पीएम 2।5 की औसत सांद्रता में पिछले वर्ष की तुलना में 16।7 प्रतिशत की गिरावट हुई है। बीजिंग और चीन के उत्तरी हिस्से में भारी प्रदूषण और ऑटोमोबाइल के उत्सर्जन की वजह से प्रदूषण के कारणों पर कई अध्ययन किए गए हैं।