Tuesday, September 7, 2021

लखनऊ में भाऊक हुए मोदी, अब बीएचयू के रविदास मंदिर में टेकेंगे मत्था

pm-moकहीं बनारस में लखनऊ की तरह ही न दिखा दिए जाएं मोदी को काले झंडे, इसको लेकर एलआईयू जांच पड़ताल में जुटा 

73 लोकसभा सीटों को लेकर आज भी भाजपा नेतृत्व को आता है सपना, विधानसभा चुनाव में चाहते हैं करिश्मे को दोहराना

पिछड़ों के वोट बैंक में तो आसानी से लग जाती है सेंध, लेकिन दलित वोट बैंक को आज भी मोदी मानते रहे हैं बड़ी चुनौती

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दलित प्रेम एक बार फिर हिलोरे मार रहा है। वह यूपी में लोकसभा की 73 सीटों पर कब्जा करने जैसा ही करिश्मा विधानसभा में भी करना चाहते हैं, यही वजह है 22 फरवरी को वाराणसी आ रहे मोदी ने रविदास मंदिर में मत्था टेकने की इच्छा जताई है।

मोदी यह मानने लगे हैं कि यूपी में सत्ता की लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब 85 फीसदी वाले वर्ग के वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। इस प्रयोग को वह लोकसभा चुनाव में देख चुके हैं। यूपी के 2017 के विधानसभा चुनाव में इसी रास्ते पर चलने का मंत्र उन्होंने अमित शाह को भी दिया है। यूपी से 18 दलित सांसद हैं। मोदी विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक को लुभाने के लिए उन्हें भी तवज्जों देने की कोशिश में जुटे हैं। हाल ही में लखनऊ आए मोदी ने मंच पर मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर को भी बुलाया था, लेकिन वह मंच पर क्या, समारोह में ही नहीं पहुंच सके थे।

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लखनऊ के बीबीएयू में मोदी का विरोध करते हुए छात्र, इन्हें बाद में कई संगठनों ने सम्मानित किया था।

मोदी की 22 फरवरी को काशी के बीएचयू परिसर में बने रविदास मंदिर में मत्था टेकने की खबर के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला ने तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। बीएचयू के एडी गेस्ट हाऊस में हुई बैठक में संकरे रास्ते से होकर पीएम की फ्लीट कैसे लाई जा सकती है, इसको लेकर सुझाव दिया गया है कि बीएचयू परिसर से जुड़े मंदिर मार्ग को रोककर प्रधानमंत्री को वहां ले जाने की व्यवस्था की जाए।

लखनऊ में विरोध से बीएचयू में एलआईयू डरा

लखनऊ के बीबीएयू में मोदी का भाषण के दौरान विरोध हुआ था। उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे और गो बैक के नारे लगे थे। इसके बाद मामले को देखते हुए मोदी को मंच से रोहित बेमुला का नाम लेकर उसे भारत का लाल बताना पड़ा था। उन्होंने एक मिनट तक मौन रहकर इस मामले पर अपना दुख भी जताया था। हालांकि इसे बसपा वोट बैंक की राजनीति करार दे चुकी है। बनारस में रविदास मंदिर में जाने को लेकर भी ऐसी कोई घटना न हो इसे देखते हुए एलआईयू गतिविधियां तेज हो गई हैं।

फोटोः फाइल।