Sunday, September 5, 2021

‘मन की बात’ में ज्वलंत मुद्दों पर क्यों नहीं बोलते मोदी

MODI-MAN-KI-BAATलखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन) ।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात में ज्वलंत मुद्दों पर क्यों नहीं बोलते हैं। हर बार उनकी मन की बात देश और समाज में ज्वतंल मुद्दों से हटकर अन्य ऐसे मुद्दों पर टिकी होती है, जैसे वह कैरियर काउंसलर हों। डिजिटल मीडिया एसोसिएशन इसको लेकर उनसे तीन सवाल करता है। सवाल इस लिए भी क्योंकि मोदीजी आप मन की बात करते हैं, तो हर नागरिक को मन का सवाल करने का भी हक है।

सवाल नंबर-1

मोदीजी आपकी मन की बात में हरियाणा में आरक्षण की आग में झुलसे लोग, बर्बाद हुई जिंदगियां और लोग क्यों नजर नहीं आए। क्या आप उन्हें सीख नहीं दे सकते थे। हरियाणा में आपकी ही सरकार है। इतनी बड़ी बार्बादी के बाद भी आपने वहां का दौरा नहीं किया। इसे आप समय की कमी बता सकते हैं, लेकिन मन की बात में तो उन्हें रास्ता दिखाने और खुद रास्ता निकालने जैसा संदेश दे सकते थे।

सवाल नंबर-2

जेएनयू मामले में आपने अभी तक कुछ भी नहीं बोला है। सिवाय स्मृति ईरानी के भाषणों पर ट्वीट कर बधाई देने के। देश आपसे अपेक्षा करता है, जब देश का बड़ा एजुकेशनल इंस्टीट्यूट जल रहा है। पूरे देश के छात्र पीएम का नजरिया देखना और समझना चाहते हैं, तो आप बोलने से बच रहे हैं।

सवाल नंबर-3

मोदी जी आपसे देश को बहुत उम्मीदें हैं। कल के बजट पर हम सभी का ध्यान रहेगा। आपने डिजिटल इंडिया का नारा दिया था, लेकिन आपकी सरकार आने के बाद से इंटरनेट का डाटा कार्ड और मोबाइल टाक टाइम सभी कंपनियों का महंगा हुआ है। बैंक में गरीबों का खाता होने की आपने कोशिश की है, लेकिन निजी बैंक से लेकर सरकारी बैंक तक तरह-तरह के चार्ज लगाकर गरीबों को खाता खोलने से ही रोक रहे हैं। जिस देश में गरीबों को एक दिन की 10 रुपए से लेकर 100 रुपए पेंशन मिलती है, उस देश में लोग खाता कैसे खोलवा सकते हैं और हां आपका हर आदमी का बीमा करवाने का सपना अधूरा साबित हो रहा है। क्योंकि बीमे को लेकर जो प्रचार होने चाहिए थे, वह नहीं हो रहा है। गुजारिश है कि अगली बार अपने मन की बात में ज्वलंत मुद्दों को जरूर शामिल करिए।

प्रस्तुतिः डिजिटल मीडिया एसोसिएशन।