Friday, August 27, 2021

राजा भैया ने की नई पार्टी की घोषणा, यहां पढ़ें रैली की 10 बड़ी बातें !

लखनऊ। निर्दलीय विधायक के रूप में 25 वर्ष पूरा कर चुके बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आज अपनी पार्टी के गठन की घोषण कर दी। सक्रिय राजनीति में आज ही दिन यानी 30 नवंबर को 25 वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में उनके समर्थकों ने इस रैली को ‘राजा भैया रजत जयंती अभिनंदन समारोह’ का नाम दिया है।

रघुराज प्रताप सिंह ने मंच से सभी का अभिवादन करने के साथ ही खुलकर अपनी बात कही। लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में उन्होंने कहा कि अब हम भी दलगत राजनीति में उतर रहे हैं। हमारे समर्थकों ने लंबे समय तक सर्वे किया और उसके बाद हमने उनके सम्मान में पार्टी का गठन करने का फैसला किया।

राजा भैया ने कहा कि हमारी पार्टी के नाम के लिए चुनाव आयोग में प्रक्रिया तेजी से चल रही है। हमारी पार्टी को जनसत्ता दल, जनसत्ता पार्टी या जनसत्ता लोक तांत्रिक पार्टी में से कोई नाम मिलेगा।

राजा भैया ने कहा कि हमारी पार्टी प्रदेश के मजदूर, किसान तथा बहादुर जवानों के हर प्रकार के हित को लेकर संकल्पित है। उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि हम लोग भी अपने अधिकारों की मांग कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ ले चुके आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को आरक्षण से बाहर करके गरीबों को लाभ देना चाहिये। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संसोधन एक्ट पर सभी राजनैतिक दल एकजुट हो गये। इसके बाद भी सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी तो समानता की लड़ाई के लिए काम करेगी।

दबंग विधायक के रूप में विख्यात राजा भैया ने कहा कि हमारे प्रदेश में मुआवजा देने के मामले में भी बड़ा भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी मुआवजा जाति देखकर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि जाति के आधार पर मिलने वाला हर प्रकार का मुआवजा बंद हो। सरकार पर इस पर ध्यान देना चाहिए. क्योकि किसी भी पीडि़त परिवार में दुर्घटना होने के बाद उसकी जाति पूछकर मदद नहीं करनी चाहिए। हम इसका विरोध करते हैं।

राजा भैया ने कहा कि हम तो जरा भी दलित विरोधी नही हैं। हम चाहते है कि दलितों को न्याय मिलना चाहिए और मुआवजा भी लेकिन गैर दलितों को भी मुआवजा मिले यह भी हमारा एजेंडा है। हम दलितों के स्थान पर मजबूत लोगों को मुआवजा तथा मदद मिलने के घोर विरोधी है। हमने इस प्रकार की मदद का हमेशा खुलकर विरोध भी किया है। हम पार्टी बनाने के बाद दलित और गैर दलित के बीच के खाई को समाप्त करेंगे

हमारी पार्टी का एजेंडा है कि सेना और अर्धसैनिक बल के जवानों के सीमा पर शहीद होने पर एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। हमारी पार्टी सेना व अर्धसैनिक जवानों के हितों की रक्षा के लिए काफी बड़ा काम करेगी। हमारी पार्टी प्रदेश के मजदूर, किसान और जवान के लिए संकल्पित है।

राजा भैया की प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी और इलाहबाद में अच्छी पकड़ मानी जाती है। यह पूरी कवायद राजा भैया को उत्तर भारत में बतौर क्षत्रिय नेता स्थापित करने की है। उनकी राजनीति अगड़ा बनाम पिछड़ा ही रहेगी। पिछले दिनों उन्होंने एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के चलते सवर्णों के उत्पीडऩ का मुद्दा उठाया था।