Tuesday, August 31, 2021

जनता को अब फिर अखिलेश यादव याद आने लगे हैं: चौधरी

लखनऊ. नगर निकाय के चुनावों में भाजपा आचार संहिता के उल्लंघन के साथ ही लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार कर रही है। हर जगह कानून का उल्लंघन हो रहा है। ये बातें सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कही है।

अखिलेश यादव

राज्य सरकार के मंत्रीगण जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, उससे राजनीति के स्तर में गिरावट का प्रदर्शन हो रहा हैं। लोकतंत्र में सार्वजनिक रूप से यमराज और जेल भेजने जैसी बातों का कोई स्थान नहीं हो सकता है। भाजपा का नेतृत्व अपराध बोध से ग्रस्त हैं और जनता को धमकाने तथा आतंकित करने में लग गए हैं। यह कैसा कानून का राज है?

 

तमाम वादों की पोल भी खुल गई

सच तो यह है कि भाजपा सरकार के केन्द्र में तीन साल से अधिक और प्रदेश में 8 माह बीत जाने के बावजूद जनता को कोई राहत, तो मिली नहीं उल्टे महंगाई, बेरोजगारी, अराजकता की आफतें झेलनी पड़ गई हैं। भाजपा के कथित संकल्पपत्र में किए गए तमाम वादों की पोल भी खुल गई है।

जनता जान गई है कि इनके पास गुमराह करने के अलावा कोई काम नहीं है। जनता में बढ़ते आक्रोष से भाजपा नेता डरे-सहमें हैं और अब प्रशासन के सहारे चुनाव जीतने की साजिशों में लगे हैं। सच्चाई तो यह है कि भाजपाईयों की धोखाधड़ी से जनता को अब फिर अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार के काम याद आने लगे हैं और लोगों को भरोसा हो चला है कि समाजवादी पार्टी की जीत से ही उसकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। नागरिकों को जितनी सुविधाएं समाजवादी सरकार में मिली थी भाजपा राज में उनको भी छींना जा रहा है।

 

सरकारी साधनों का खुला दुर्पयोग

 

राजनीति में शुचिता के लिए आवश्यक है कि लोकतंत्र प्रणाली में किसी तरह का दखल, दबाव, पक्षपात न हो और निष्पक्षता के साथ मतदान की स्वतंत्रता हो। इसमें जातिवाद तथा संप्रदायवाद को स्थान नहीं मिलना चाहिए। मगर भाजपा सत्ता के दुरूपयोग के रोज नए उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। भाजपा नेतृत्व की भाषा असंयमित और आचरण अनैतिक है। इससे निकाय चुनावों की निष्पक्षता, स्वतंत्रता सभी संदेह के घेरे में है। सरकारी साधनों का खुला दुरूपयोग हो रहा है। चुनाव आयोग को इस स्थिति का स्वयं संज्ञान लेकर भाजपा की अराजक गतिविधियों पर अंकुश लगाना चाहिए।

 

भाजपा से ऐसी उम्मीद नहीं

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सही कहते हैं कि भाजपा नेता जनता को बहकाते हैं, उन्हें झूठे वादे करने में कोई संकोच नहीं होता है और दूसरों के कामों का खुद श्रेय लेने में कोई संकोच नहीं है। समाजवादी पार्टी का अपने वादे पूरे करने का शानदार रिकार्ड है। समाजवादी सरकार में विकास की जो मंजिले तय हुई हैं उनकी प्रशंसा चैतरफा है। भाजपा इन्हीं वजहों से हीनभावना से ग्रस्त हैं और वे अपनी कुंठा में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ ऊल-जलूल बयान देने लगे हैं। भाजपा नेतृत्व से इस तरह के व्यवहार की जनता कतई आशा नहीं करती है।

साभारः राजेंद्र चौधरी, सपा प्रवक्ता की अनकट प्रेस रिलीज