Wednesday, September 1, 2021

नारद जयंती पर लखनऊ में राजेंद्र गौतम समेत कई पत्रकार सम्मानित

UNIVERSITYलखनऊ ।। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हिन्दुस्थान समाचार समिति से मेरा पुराना संबंध रहा है। अच्छी हैण्ड राईटिंग के कारण मैं 1956 से मुंबई में अवैतनिक रूप से रोज घंटा-दो घंटा काम करता था। मैं पत्रकार नहीं हूं, केवल ग्राहक के नाते समाचार पढ़ता और देखता हूं। फिर राज्यपाल राम नाईक ने मुस्कुराते हुए कहा कि हां समाचार उपलब्ध जरूर कराता हूं।

राज्यपाल सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में विश्व पत्रकारिता दिवस एवं महर्षि नारद जयन्ती के अवसर पर बहुभाषी संवाद समिति हिन्दुस्थान समाचार द्वारा आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन के पश्चात् अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम में पत्रकारों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र गौतम, स्तम्भकार हृदय नारायण दीक्षित, नन्द किशोर श्रीवास्तव, आलोक त्रिपाठी, राजीव बाजपेई, श्रीमती रंजना, प्रेम शंकर मिश्र, विनय राय, नसीम नदवी, स्वाति माथुर, रितेश सिंह को स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ, श्रीफल व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ पत्रकार राजनाथ सिंह सूर्य, केसी अग्निहोत्री, कुलपति केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमांचल प्रदेश सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कलम की ताकत का प्रयोग समाज के हित के लिये करें। लोकतंत्र में संविधान के तीन प्रमुख स्तम्भ हैं। लेकिन यह भी सच है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। जनतंत्र को चलाने और समाज का प्रबोधन करने का कार्य पत्रकारिता करती है। उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया और पत्रकारिता के उद्देश्य को अलग-अलग मानते हैं। पत्रकारिता के अपने धर्म होते हैं। उन्होंने कहा कि चौथे स्तम्भ के धर्म और चुनौतियों पर गम्भीरता से विचार किया जाना चाहिये।

फोटोः राज्यपाल राम नाईक पत्रकारों को सम्मानित करते हुए।