Wednesday, September 1, 2021

राम मंदिर मुद्दा निकाय चुनाव में भी भुनाएगी बीजेपी, योगी ने कही ये बात

लखनऊ. राम मंदिर मुद्दा निकाय चुनाव में भी भुनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यही वजह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रचार प्रसार की शुरूआत अयोध्या से कर पूरे प्रदेश में राम मंदिर का माहौल गर्म कर दिया है।

राम मंदिर

BJP के निकाय चुनाव प्रचार की शुरुआत

राममंदिर बनाने या फिर उसे आपसी सहमति से सुलझाने का मुद्दा अब गर्माता नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में मंच से जय श्रीराम के उदघोष के साथ BJP के निकाय चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी। तो दूसरी ओर राम मंदिर निर्माण के लिए अदालत से बाहर सुलह समझौते को लेकर आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर लखनऊ पहुंच गए।

16 को नया प्रस्ताव

उधर, यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड गुरुवार 16 नवंबर को मीडिया के समक्ष अयोध्या विवाद के समाधान को लेकर नए प्रस्ताव का खुलासा करने का दावा कर रहा है। श्रीश्री रविशंकर इस मसले से जुड़े पक्षों और अयोध्या के संतों से बातचीत के लिए बुधवार को अयोध्या में रहेंगे। वहां वह सभी पक्षकारों से बात करेंगे।

कुछ ऐसी ही सियासत को गर्माते हुए मंगलवार को अयोध्या में निकाय चुनाव के लिए BJP के पक्ष में चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वह भगवान राम की नगरी अयोध्या में आते हैं तो सपा- बसपा को करंट लग जाता है। ऐसा कह उन्होंने राममंदिर को लेकर पार्टी के रुख और मंशा के संकेत तो दे ही दिए हैं।

 

शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा, वह 16 नवंबर को लखनऊ में मीडिया के सामने अपने उस प्रस्ताव का खुलासा करेंगे जिसमें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आपसी सहमति पर नया फामरूला तैयार किया गया है। रिजवी ने कहा अयोध्या विवाद में यूपी सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है।

 

यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने कहा, अयोध्या मामले से शिया वक्फ बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है। हाईकोर्ट के फैसले में भी सुन्नी वक्फ बोर्ड ही पक्षकार है। फारूकी ने बताया कि बहादुर शाह जफर के प्रपौत्र प्रिंस तुसी ने अयोध्या की विवादित जमीन का खुद को मुतवल्ली घोषित कर लिया है।

फोटोः फाइल।