Monday, September 6, 2021

जब-जब इस तरह की घटनाएं होंगी याद आएंगे अंबेडकर

12391869_1106231079387181_7042052428172532667_nयाचिका की सुनवाई को लेकर मामला लटका, चार जनवरी को होगी अगली सुनवाई

लखनऊ (ब्यूरो)।। लोकायुक्त वीरेंद्र सिंह का शपथ ग्रहण समारोह अनिश्चित काल के लिए टल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नए लोकायुक्त की नियुक्ति के अपने पुराने आदेश पर रोक लगा दी है। अब मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी। जब जब इस तरह की घटनाएं होंगी लोगों को अंबेडकर और उनका संविधान याद आएगा।

याचिकाकर्ता सच्चिदानंद गुप्त ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को नियुक्ति के लिए पांच नाम देकर कोर्ट को गुमराह किया है। इलाहबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को इन पांचों नामों पर आपत्ति है और उन्होंने इस बारे में गवर्नर को पत्र लिखकर विरोध दर्ज करवाया है, इसलिए लोकायुक्त के चयन पर फिर से विचार होना चाहिए।

राज्यपाल राम नाईक ने राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए नये लोक आयुक्त के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। उच्चतम न्यायालय याची सच्चिदानन्द गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए नये लोक आयुक्त के शपथ ग्रहण को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी को होगी। उच्चतम न्यायालय के निर्णय को देखते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राज्यपाल की प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर को फोन कर लोक आयुक्त के शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित कराने हेतु राज्यपाल की स्वीकृति चाही थी, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश के नए लोकायुक्त के रूप में मान्यता देने की औपचारिकता पूरी की थी। यूपी सरकार आठ महीने बाद भी जब नए लोकायुक्त का नाम तय नहीं कर सकी, तब सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश का लोकायुक्त नियुक्त किया। इसके बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने अगली औपचारिकता पूरी की।

इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूपी सरकार के वकील कपिल सिब्बल से नए लोकायुक्त का नाम पेश करने को कहा था, लेकिन वह कोई नाम पेश नहीं कर पाए। आखिरकार देश के शीर्ष न्यायालय ने वीरेंद्र सिंह को यूपी का लोकायुक्त घोषित कर दिया था। निवर्तमान लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा का कार्यकाल आठ महीने पहले ही पूरा हो चुका है, तब से वह सेवा-विस्तार के तहत पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।