Tuesday, August 31, 2021

बेनी के बाद सपा में शामिल होंगी रीता बहुगुणा जोशी

अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ ।। उत्तराखंड में मचे सियासी घमासान का असर यूपी में भी देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रहीं, रीता बहुगुणा जोशी, अब बेनी प्रसाद वर्मा के बाद सपा का दामन जल्द ही थाम सकती हैं। इसके लिए केवल औपचारिकताएं ही बाकी बताई जा रही हैं। हालांकि रीता किस सीट से यूपी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी इसको लेकर समाजवादी पार्टी अभी तय नहीं कर पाई है। दैनिक दुनिया डॉटकाम के सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि वह खुद भी लखनऊ कैंट सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं।

कांग्रेस सूAKHILESH-WITH-RITA-JOSHIत्रों के मुताबिक, यूपी में कांग्रेस के लिए सियासी जमीन की तलाश कर रहे पीके उर्फ प्रशांत किशोर ने भी रीता बहुगुणा जोशी को नजर अंदाज कर दिया है। इसको लेकर रीता बहुगुणा जोशी काफी नाराज हैं। वह इस दर्द को आलाकमान राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बताने का साहस इस लिए नहीं कर पा रही हैं, क्योंकि उनके ही सगे भाई व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पार्टी के ही खिलाफ बिगुल फूंक कर वहां पर भाजपा का साथ दिया है। इसका असर रीता बहुगुणा जोशी के राजनीतिक कैरियर पर भी पड़ रहा है।

सूत्रों की माने तो रीता बहुगुणा जोशी को यह भी अंदेशा है कि पार्टी उन्हें टिकट न देकर मुश्किल पैदा कर सकती है। यही वजह है कि वह पहले ही पाला बदल कर अपनी विधानसभा सीट को सुनिश्चित कर लेना चाहती हैं। इसको लेकर उनके रणनीतिकार बताते हैं कि जल्द ही इसका फैसला हो जाएगा कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन कैंट से चुनाव न लड़ने का रीता ने भी मन बना लिया है।

समाजवादी पार्टी की छात्र नेता रिचा सिंह की मदद के लिए वह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी भी गई थीं। गौरतलब है कि हाल ही में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी कैंपस में वहां के वीसी की मनमानी को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्र अध्यक्ष रिचा सिंह ने अनशन शुरू कर दिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के कार्यकर्ता और रीता बहुगुणा जोशी ने रिचा से मिलकर मामले को प्रमुखता से उठाया था। बताया जा रहा है कि सपा में इंट्री को लेकर रीता को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की हरी झंडी भी मिल गई है, केवल शिवपाल यादव और मुलायम सिंह यादव की सहमति का इंतजार है।

दिल्ली में भी बदलेगी कांग्रेस

उधर, दिल्ली में भी कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व में परिवर्तन की तैयारी शुरू हो गई है। बीमारी के चलते सोनिया गांधी को छुट्टी पर भेजने की पटकथा तैयार है। राहुल या प्रियंका गांधी को अब पार्टी की कमान सौंपी जाएगी। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी में चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि कांग्रेस का हाईकमान कौन बनेगा।

रीता जोशी ने कहा सपा में नहीं जाऊंगी 

रीता बहुगुणा जोशी ने सपा में जाने की खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि वह कांग्रेस को छोड़कर नहीं जाएंगी। पार्टी के प्रति वह वफादार हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भी उनके भाई विजय बहुगुणा ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया तो रीता की बात में भरोसा कैसे किया जाए। सवाल यह भी है कि जब वह कांग्रेस के प्रति वफादार हैं तो क्या उनके भाई गद्दार हैं।  

फोटोः फाइल।