Thursday, September 2, 2021

RSS प्रमुख भागवत को याद आया भारत का किसान

k3लखनऊ ।। देश में भारतीय दर्शन के आधार पर कृषि का विकास होना चाहिए। भारत का किसान दुनिया का पेट भरने के लिए खेती करता है। वह सिर्फ अपने खाने के लिए नहीं। पूरी दुनिया कृषि को वृत्ति के नजरिए से देख रही है। जबकि भारत सभी आजीविका के क्षेत्र को अपना कर्तव्य मानकर कार्य करता है। कम से कम श्रम में अधिक से अधिक कामाना, यह कुशलता नहीं है, जितना कमाएंगे उससे अधिक कार्य करेंगे, यह हमारी विशेषता है। भारतीय विचार के आधार पर कृषि क्षेत्र में कार्य करना ही भारतीय किसान संघ का कार्य है। यह दर्द है संघ प्रमुख मोहन भागवत का। 
मोहन भागवत सोमवार को लखनऊ आए थे। वह चारबाग के पास एपी सेन मार्ग स्थित भारतीय किसान संघ के कार्यालय रज्जू भैय्या स्मृति भवन का लोकार्पण कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण, किसान संघ के वीरेन्द्र सिंह, क्षेत्र कार्यवाह रामकुमार, अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य मधुभाई कुलकर्णी, उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के प्रचार प्रमुख कृपा शंकर,पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रचार प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर बोलते हुए संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा कि रज्जू भैया स्मृति भवन महापुरूषों की स्मृतियों से जुड़ा है, लेकिन इस भवन को केवल स्मृतियों तक ही सीमित न रखें बल्कि इससे जुड़े महाषुरूषों के आदर्शों को आगे बढ़ायें। 
सरसंघचालक ने कहा कि हमें अपने आचरण द्वारा ऐसा श्रेष्ठ भारत बनाना है कि लोग खुद भारत माता की जय बोलें। यह किसी पर थोपने की जरूरत नहीं है। हमें अपने जीवन से सारे विश्व को एक दिशा देनी है। अपनी पद्धति अपने विचार किसी पर थोपने की जरूरत नहीं हैं बल्कि सारे विश्व को अपना मानने की आत्मीयता होनी चाहिए।