Thursday, September 9, 2021

सपा ने बदला टिकट, बस्ती से संतोष यादव और गोरखपुर से सीपी चंद लड़ेंगे MLC चुनाव

sa_1454916334लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन) ।। समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने तमाम अटकलों को खारिज करते हुए गोरखपुर और बस्ती जिले का एमएलसी टिकट सोमवार को बदल दिया। बस्ती से संतोष यादव उर्फ सनी को मैदान में उतारा गया है और गोरखपुर से सीपी चंद चुनाव लड़ेंगे।

इसके पहले बस्ती जिले से कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई डिम्पल सिंह को टिकट दिया गया था। वहीं गोरखपुर से जेपी यादव को टिकट दिया गया था। जेपी यादव सपा सरकार में कृषि मंत्री रहे हैं, वह पूर्व सांसद भालचंद यादव के समथी भी हैं। वहीं डिम्पल सिंह बस्ती से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल कर दिया था। गोरखपुर से सपा के पूर्व प्रदेश सचिव कुंअर प्रताप सिंह (सीपी सिंह) काफी पहले से ही टिकट के उम्मीदवारी को लेकर ताल ठोक रहे थे। बस्ती जिले से युवा नेता सनी यादव भी काफी समय से दावेदारी जताते रहे हैं। सनी यादव की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव से काफी करीबी है। उन्हें युवाओं का काफी समर्थन भी मिलता रहा है।

बस्ती जिले से डिम्पल सिंह का टिकट काटकर संतोष यादव उर्फ सनी को मिलना काफी अहम बताया जाता है। लोगों का कहना है कि राजकिशोर सिंह खुद कैबिनेट मंत्री हैं, वहीं उनके बेटे को सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया था, ऐसे में एक ही परिवार पर सपा की मेहरबानी से गलत संदेश जा रहा था। सनी यादव को टिकट मिलने से बस्ती जिले में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने खुशी जताई है।

गोरखपुर में सपा के पूर्व प्रदेश सचिव कुंअर प्रताप सिंह ने शनिवार को अपने समर्थकों सहित पहुंच कर दो सेट में पर्चा दाखिल किया था। नामांकन के बाद कुंवर प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता की आवाज सदन में उठाने तथा जनता के हितों के लिए चुनाव मैदान में हैं। वह लंबे समय से जनता के सवाल पर आवाज बुलंद करते रहे हैं। उन्हें डर है कि प्रशासन उनके साथ कोई धोखा कर सकता है। उन्हें उम्मीद थी कि हो सकता है पार्टी उन्हें टिकट न दे।

करोड़पति हैं कुंअर प्रताप सिंह

कुंअर प्रताप सिंह भी करोड़पति हैं। उनकी शिक्षा इंटर तक की है, शहर में एक मकान पत्नी के नाम है, जिसकी कीमत 50 लाख है, गांव पर खेती योग्य जमीन जिसकी कीमत 50 लाख है। उनके पास एक गाड़ी है जिसकी कीमत छह लाख रुपये है, गांव का मकान करीब 30 लाख का है, उनके पास 80,000 रुपये नकद हैं। पत्नी के नाम से एक लाख के जेवरात हैं, खुद के पास बैंक में 2200 रुपये और पत्नी के पास 1700 रुपये हैं। उन पर दो आपराधिक मुकदमा है।

फोटोः फाइल