Thursday, September 2, 2021

समाजवादी पार्टी को EVM की बैठक में बड़ा झटका, नहीं मिला कई दलों का समर्थन

DDC NEWS AGENCY

Lucknow. EVM के विरोध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा 6 जनवरी को जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बुलाई बैठक में कई दलों का जहां समर्थन मिला वहीं बसपा, कांग्रेस समेत कई दल बैठक में शामिल नहीं हुए।

EVM की जगह बैलेट वोटिंग की मांग को लेकर लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में मीटिंग शुरु हो गई है। SAMAJWADI PARTY के बुलावे पर ये बैठक की जा रही है। इस बैठक में BSP और CONGRESS के किसी प्रतिनिधि ने हिस्सा नहीं लिया।

 समाजवादी पार्टी

इन दलों का था बुलावा

SAMAJWADI PARTY प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की ओर से CONGRESS, BSP, रालोद, लोकदल, सीपीआई, सीपीएम समेत सभी विपक्षी दलों को बुलावा भेजा है। अखिलेश यादव की सहमति के बाद ही इन लोगों को बुलावा भेजा गया है।

सूत्र बता रहे हैं कि EVM के स्थान पर बैलेट मतदान के लिए जन आंदोलन खड़ा करने पर चर्चा होगी। इसे लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

 

जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट क्यों चुना गया

SAMAJWADI PARTY प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का कहना है, जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट एक सामाजिक संगठन है। लोकतंत्र की रक्षा हेतु EVM का विरोध के लिए इसीलिए इस संस्थान में मीटिंग बुलाई गई है।

पूर्व मंत्री और SAMAJWADI PARTY के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का कहना है, EVM में गड़बड़ी के तथ्य जनता के सामने है। बैलेट से लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों को एक होकर आवाज उठानीं होगी। तभी लोकतंत्र बचेगा।

 

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EVM या बैलेट पर ऐसे शुरू हुई आवाज बुलंद

साल 2009 में सबसे पहले बीजेपी ने EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया था और कानूनी लड़ाई शुरू की थी, लेकिन मामला तूल नहीं पकड़ पाया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले BSP मुखिया मायावती ने EVM में गड़बड़ी का सवाल उठाए था।

साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद BSP, SAMAJWADI PARTY, CONGRESS और रालोद ने EVM में गड़बड़ी के खुलकर आरोप लगाए।

कुछ दिन पहले गुजरात विधानसभा के परिणाम आने के बाद विपक्षी दलों ने हार का ठीकरा EVM पर फोड़ा और बैलेट से चुनाव कराने की आवाज बुलंद की।

SAMAJWADI PARTY के उपाध्यक्ष किरन मय नंदा, SAMAJWADI PARTY की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी व यूपी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, सीपीआई (कम्युनिटी पार्टी ऑफ इंडिया) के अतुल अंजान, युवजनसभा के अध्यक्ष विकास यादव, आरएलडी के अनिल दुबे और वामदलों के कुछ नुमाइंदों के बीच EVM की गड़बड़ी को जन आंदोलन का रूप देने पर चर्चा हुई।

सहमति इस बात पर बनी थी कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विपक्षी दलों को एकजुट होकर EVM के स्थान पर बैलेट मतदान कराने के लिए जन आंदोलन खड़ा किया जाए।

अखिलेश-ममता- राहुल-जयंत भी उठा चुके हैं सवाल

EVM पर रोक लगाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर आम सहमति के साथ अखिलेश यादव ने कई दौर में ममता बनर्जी से मुलाकात की। CONGRESS अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कई बार EVM पर सवाल उठाते हुए इसको लोकतंत्र की हत्या और जनता से धोखा बताया।

RLD, CPI ने बुलावे पर दी सहमति

CONGRESS के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान का कहना है, उनका दल EVM में गड़बड़ी का सवाल उठा रहा है। लिहाजा इस मुद्दे पर किसी सार्वजनिक स्थान पर जाने में कोई वैचारिक विरोध नहीं है।

 

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