Sunday, August 29, 2021

IIT के 4 प्रोफेसर के खिलाफ SC/ST Act का मुकदमा, जानें पूरा मामला

कानपुर. IIT कानपुर के एयरोस्पेस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रह्मण्यम सडरेला ने चार प्रोफेसरों पर कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने प्रो. ईशान शर्मा, प्रो. संजय मित्तल, प्रो. राजीव शेखर, प्रो. चंद्रशेखर उपाध्याय व एक अज्ञात व्यक्ति पर उत्पीडऩ व ई-मेल के जरिए उनकी पीएचडी डिग्री के प्रति भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया है। IIT की बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) इन चारों को गंभीर दुव्र्यवहार, उपहास, प्रताडऩा का दोषी पाया है।

IITअपमानजनक टिप्पणी का लगाया आरोप

डॉ. सडरेला ने अपनी शिकायत में कहा है कि जुलाई 2017 में उन्होंने IIT में नौकरी के लिए आवेदन किया। 26 दिसंबर को बाहरी विशेषज्ञों ने जांच के बाद उनकी नियुक्ति की सिफारिश की और 28 दिसंबर 2017 को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला। एक जनवरी 2018 को उन्होंने एयरोस्पेस विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर ज्वाइन किया।

आरोप है कि चार जनवरी को एक संगोष्ठी के दौरान प्रो. संजय मित्तल ने व्यंगात्मक व अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद उनकी नियुक्ति को अनुपयुक्त करार करते हुए परिसर में इस बात को फैलाया जाने लगा। अपमानजनक टिप्पणी की शिकायत पर एससी-एससी आयोग से की थी।
आयोग ने दिए थे कार्रवाई के आदेश

उनकी शिकायत पर दस अप्रैल 2018 को आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में सुनवाई हुई और उसी दिन कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए। इस पर चारों प्रोफेसर हाईकोर्ट चले गए जहां से उन्हें स्टे मिल गया लेकिन दूसरी ओर इसकी अनुमति उन्हें मिल गई कि IIT इस विषय पर जांच करे।

बीओजी की रिपोर्ट में उनकी नियुक्ति सही व चारों प्रोफेसर को दोषी पाया गया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। टिप्पणी व फर्जी तथ्यों के आधार पर ई-मेल करने से स्वाभिमान व सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंची है।
इन विभागों के प्रोफेसरों पर है आरोप

प्रो.राजीव शेखर : IIT कानपुर में मैटीरियल साइंस एंड इंजीनियङ्क्षरग विभाग के प्रोफेसर रहे व वर्तमान में IIT आइएसएम के निदेशक हैं।

प्रो.चंद्रशेखर उपाध्याय : IIT कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियङ्क्षरग विभाग के प्रोफेसर।
प्रो.संजय मित्तल : एयरोस्पेस इंजीनियङ्क्षरग विभाग के प्रोफेसर
प्रो. ईशान शर्मा : मैकेनिकल इंजीनियङ्क्षरग विभाग के प्रोफेसर