Tuesday, August 31, 2021

काकोरीः सास-बहुओं के लिए सेल्फ डिफेंस बना हथियार

self-defeance-training

अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ ।। हाथों में चूड़ियां और माथे पर घूंघट, ये तस्वीर भले ही गांव-देहात की औरतों की है, लेकिन इसका दूसरा पहलू काकोरी के हबीबपुर में रविवार को देखने को मिला। घरेलू और गांव के पोशाक में ही सास और बहुएं यूनीक कॉलेज के प्रांगण में चाकूबाजी और पत्थरबाजी में एक दूसरे को मात देने में लगी थीं। हालांकि वह एक दूसरे के जान की दुश्मन नहीं बन रही थीं, बल्कि एक दूसरे को बचाने का हुनर सीख रही थीं। इस नजारे को देखकर पहले तो हर किसी के बचाव के लिए कदम बढ़े, लेकिन जब हकीकत को जाना तो दांतों तले अंगुली दबा ली।

मामला राजधानी लखनऊ के हबीबपुर काकोरी का है। यहां महिला अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों को मात देने की कोशिश लड़कियां ही नहीं, बल्कि उम्र दराज महिलाएं भी कर रही हैं। यही वजह है कि वह यश भारती पुरस्कार से सम्मानित सेल्फ डिफेंस ट्रेनर अभिषेक यादव अभी से खुद की सुरक्षा के बेहतर हुनर सीख रही हैं।

ट्रेनिंग ले रही सावित्री ही नहीं, बल्कि दर्जनों औरतें बताती हैं कि जब से उन्हें पता चला था कि अभिषेक सेल्फ डिफेंस से निहत्थे ही वह दुश्मनों-बदमाशों का मुकाबला कर सकती हैं, तभी से वह इस सपने को पूरा करने की राह देख रही थीं। उनके इस सपने को पूरा करने में मदद की समाजसेवी के रूप में काम करने वाली एक लड़की शन्नो ने। शन्नो लखनऊ की रहने वाली एक ऐसी लड़की है, जो महिलाओं और लड़कियों की हर समस्या को लेकर पुलिस और पीड़ितों के बीच सेतु का काम कर रही है।

13445615_529140797292745_6186612008344318359_nशन्नो ने ही पूरे देश में सेल्फ डिफेंस की निःशुल्क ट्रेनिंग दे रहे ट्रेनर अभिषेक यादव अभी से संपर्क किया। अभिषेक को शन्नो का समाजसेवी नजरिया पसंद आया। उन्होंने शन्नों की चाहत के आधार पर गांव देहात की महिलाओं को इसकी ट्रेनिंग देनी शुरू की तो 70 साल की महिलाओं भी सेल्फ डिफेंस को सीखने के लिए आगे आ गईं। इन महिलाओं ने एक दूसरे की मदद से मनचलों से मुकाबले के अचूक नुस्खे सीखे। ट्रेनिंग कैंप का आयोजन शन्नो की ओर से होने की वजह से वहां की महिलाओं ने उन्हें भी धन्यवाद दिया और आगे भी इस तरह की ट्रेनिंग दिए जाने की मागं की है। क्यों कि काकोरी में महिला अपराध को रोकने के लिए गांव की ये महिलाएं अब सेल्फ डिफेंस को ही हथियार बनाना चाहती हैं।

क्या है सेल्फ डिफेंस की खासियत

यश भारती पुरस्कार से सम्मानित स्पेशल कमांडो ट्रेनर अभिषेक यादव अभी को इस विधा में छह विश्व रिकॉर्ड मिला हुआ है। वह पूरे देश में महिला सुरक्षा को लेकर अभियान के तौर पर निःशुल्क ट्रेनिंग देते हैं। इसकी कोई भी फीस नहीं ली जाती है। यहां तक कि यूपी और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में हजारों पुलिस कर्मियों ने भी इस ट्रेनिंग को अचूक माना है। इस ट्रेनिंग की खासियत है कि निहत्थे ही हमलावर को काबू में किया जा सकता है। यही नहीं सेल्फ डिफेंस खुद के बचाव का सबसे सस्ता और सफल तरीका भी है।

13445681_529140850626073_4131915119701782741_nक्या कहते हैं अभिषेक यादव

अभिषेक यादव काकोरी के हबीबपुर में ट्रेनिंग को लेकर कहते हैं कि यह अपने आप में अलग अनुभव रहा। अभी तक लड़कियों और छात्राओं में ट्रेनिंग को लेकर जो जोश देखने को मिलता था, वह काकोरी में सास और बहुओं में था। यहां तो हर महिला सेल्फ डिफेंस का हुनर सीखना चाहती है। कोशिश है कि इस तकनीक को सीखकर देश की हर बहन और बेटियां ही नहीं, बल्कि अब सास और बहुएं भी खुद की सुरक्षा कर सकेंगी।

फोटोः लखनऊ के काकोरी में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेती हुई महिलाएं।