Tuesday, September 7, 2021

शुक्ला बने यूपी भाजपा का नया ब्राह्मण चेहरा

ggggलखनऊ ।। विधानसभा चुनाव 2017 को ध्यान में रख कर भारतीय जनता पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला को राज्यसभा और पश्चिमक्षेत्र के अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह और प्रदेशमंत्री दयाशंकर सिंह को विधानपरिषद का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। समझा जाता है कि पार्टी ने इस निर्णय से राष्ट्रीय नेतृत्व पर लगातार सवर्ण विरोधी होने के बढ़ते आरोप से राहत मिलेगी।

पूर्वमंत्री शिवप्रताप शुक्ला के साथ सकारात्मक उलट-फेर रहा। बताया जाता है कि सोमवार को विधानमंडल में पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने शिव प्रताप शुक्ला के नाम से विधानपरिषद का नामांकन फार्म खरीदा था। विधानमंडल की बैठक में ही कोई फोन आया और सब कुछ बदल गया। शिवप्रताप शुक्ला के रूप में भाजपा ने यूपी से नया ब्राह्मण चेहरा उतारा है।

शिवप्रताप को राज्यसभा और चौधरी भूपेंद्र सिंह को विधान परिषद में भेजने का निर्णय ले लिया गया तथा ठाकुर दयाशंकर सिंह को दोबारा दूसरे नंबर पर विधान परिषद का प्रत्याशी बना कर भाजपा नेतृत्व ने विधानपरिषद के लिए मतदान सुनिश्चित कर दिया। अब बिना क्रास वोटिंग हुए दयाशंकर सिंह का जीतना संभव नहीं हो पाएगा। चूंकि विधानसभा के चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय रह गया है, इस लिए सभी दलों में टूट-फूट इनकार नहीं किया जा सकता।

समर्थन मांगने के लिए दयाशंकर अंतरात्मा की आवाज पर अन्य दलों के विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। इस सन्दर्भ में भाजपा मनलों के जानकर नरेंद्र उत्तम का कहना है कि भाजपा ने ब्राह्मण-ठाकुर और जाट की तिकड़ी उतार कर क्षेत्रीय और जातीय दोनों सामंजस्य बिठाने का प्रयास किया है। इस दूरगामी निर्णय से पार्टी को विधानसभा 2017 के चुनाव में लाभ मिल सकता है।