Sunday, August 29, 2021

बैग से बच्चे के रोने की आ रही थी आवाज, लोगों ने खोलकर देखा तो होश उड़ गए !

डेस्क. गुरुवार सुबह के 5 बजे थे…। बरवाअड्डा हीरक रोड स्थित मिशन ऑफ चैरिटी के पास मॉर्निंग वाकर्स आम दिनों की तरह टहलने पहुंचे थे। बच्चे की रोने की आवाज ने टहल रहे लोगों के पांवों को रोक दिया। तभी उनकी नजर एक बड़ी सी बैग पर पड़ी, जो चैरिटी के गेट में टंगा हुआ था। लोग उस बैग की तरह बढ़े तो रोने की आवाज करीब से आती प्रतीत हुई। बैग को नीचे उतारा।

बैग में दो साल का एक बच्चा जैसे-तैसे रखा हुआ था। बच्चे के सामने सभी चेहरे अंजान थे, पर वह उनके पास आना चाहता था। उस बैग की कैद से निकलना चाहता था। बच्चे ने हाथ आगे बढ़ा दी। लोगों ने उसे गोद में उठा लिया। मॉर्निंग वाकर्स ने इसकी सूचना बरवाअड्डा पुलिस को दी। पुलिस ने बच्चे को अपनी सुरक्षा ले लिया। दोपहर 12 बजे उसे सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को भुईफोड़ स्थित बाल उपवन बाल गृह भेज दिया है।

…और बच्चे की फिक्र भी

बच्चे को यहां छोड़ने वालों को इसकी फिक्र भी थी। बैग को उसने ऊंचे जगह पर टांगा था, ताकि कोई जानवर उसे नुकसान न पहुंचा सके। बैग में गर्म कपड़े और चाइल्ड फूड भी रखा था। शुक्रवार को बच्चे का सीटी स्कैन व एमआरआई कराया जाएगा। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि बच्चा डिसएबल है या नहीं।

बैग में मिले बच्चे पर हजारीबाग के एक परिवार ने दावा किया

बरवाअड्डा स्थित मिशन ऑफ चैरिटी के गेट में टंगा मिला दो साल के बच्चे पर हजारीबाग में रहने वाले एक परिवार ने दावा किया है। इस परिवार के दो सदस्य, जो धनबाद में रहते हैं, ने शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी से संपर्क किया। सीडब्ल्यूसी की सदस्य पूनम सिंह ने बताया कि धनबाद के रहने वाले दो व्यक्ति बच्चे की दावेदारी के संबंध में आए थे।

उन्हें हजारी बाग में रहने वाले रिश्तेदार ने बताया कि यह बच्चा उनका है। उनके रिश्तेदार हजारीबाग से आने वाले हैं। पूनम ने बताया कि परिवार को शनिवार को सीडब्ल्यूसी कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है। इसके बाद स्पष्ट होगा कि वास्तव में बच्चे पर दावे का आधार क्या है और अगर बच्चा उनका है कि वह मिशन ऑफ चैरिटी तक कैसे पहुंचा।