Sunday, September 5, 2021

ताजमहल में स्विस कपल से बदसलूकी, पार्क में बंदकर गार्ड ने की पिटाई

आगरा. फतेहपुर सीकरी में स्थानीय लोगों द्वारा स्विस कपल के साथ बदसलूकी और पिटाई के बाद अब वहीं के एक अन्य कपल को ताजमहल के ठीक सामने कथित रूप से एक पार्क के अंदर बंद करने का मामला सामने आया है।

 

स्विस कपल

स्विस कपल ने गुजर रहे लोगों से मदद मांगी

महताब बाग के पास बुधवार को हुई इस घटना में आगरा विकास प्राधिकरण के एक गार्ड ने स्विस कपल को मारपीट की भी धमकी दी। गार्डेन के अंदर बंद स्विस कपल ने वहां से गुजर रहे लोगों से मदद मांगी, इसके बाद उन्हें बचाया जा सका।

स्विस कपल ने आरोप लगाया कि जब पर्यटन पुलिस के पास उन्होंने शिकायत दर्ज करानी चाही तो उन्हें पुलिसकर्मियों ने प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि डोरिन मांटोयू और उनकी पत्नी सबीना अपने गाइड के साथ शाम साढ़े चार बजे पार्क पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया।

डोरिन ने गुरुवार को हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘जब हमने गार्ड से यह कहा कि प्रवेश का समय कहीं भी लिखा नहीं है तो उन्होंने अपना आपा खो दिया और हमारे ऊपर चिल्लाना शुरू कर दिया। हमारे गाइड अमित उपाध्याय ने जब गार्ड से बातचीत की तो उन्होंने जाने की अनुमति दे दी।’

राहगीरों के कहने पर गार्ड ने दरवाजा खोला

डोरिन ने कहा, ‘जब हम वापस गेट पर गए तो आश्चर्यचकित रह गए। गार्ड ने दरवाजा बंद कर दिया था। हमने बाहर खड़े गार्ड से दरवाजा खोलने के लिए कहा तो वह हम पर चिल्लाने लगे और कहा कि अगर उन्होंने दोबारा गेट खोलने के लिए कहा तो वह पिटाई कर देंगे। गार्ड ने शराब पी रखी थी। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और तब जाकर गार्ड ने दरवाजा खोला।’

उन्होंने कहा, ‘इस अनुभव ने मुझे हिलाकर रख दिया। मैं कई देशों में गया हूं लेकिन कहीं भी इस तरह के अनुभव से गुजरना नहीं पड़ा। यदि पार्क में जाने का कोई निश्चित समय है तो उसे बोर्ड पर प्रदर्शित करना चाहिए।’ स्विस कपल का यह बुरा अनुभव यहीं तक नहीं रहा।

 

पर्यटन पुलिस ने स्विस कपल की मदद के बजाय प्रताडि़त

गाइड अमित उपाध्याय ने कहा, ‘घटना की शिकायत दर्ज कराते समय पर्यटन पुलिस के एक सिपाही ने अनावश्यक सवाल पूछे। उसने पूछा कि वे क्यों पर्यटन पुलिस के पास आए, नजदीक के पुलिस स्टेशन में क्यों नहीं गए। पर्यटन पुलिस ने स्विस कपल की मदद के बजाय उन्हें और ज्यादा प्रताडि़त किया।

पुलिस ने न तो उन्हें बैठाया और न ही शिकायत दर्ज की। पुलिस ने उनका पासपोर्ट मांगा और अन्य दस्तावेज मांगे।’ बाद में पुलिस ने एक शिकायत दर्ज की लेकिन एफआईआर में आरोपी का नाम उजागर नहीं किया है।