Tuesday, September 7, 2021

टेलिकॉम सेक्टर के बाद अब डिजिटल दुनिया में क्रांति लाने जा रहा है जियो !

टेक डेस्क। मुकेश अंबानी ने भारत में डिजिटल क्रांति लाने के लिए मोबाइल फोन से शुरुआती की थी। एक बड़े पैमाने पर वायरलेस यूजर्स को कंपनी से जोड़ने के बाद मुकेश अंबानी ने पिछले कुछ महीनों में डिजिटल सर्विसेज जैसे होम एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, सिक्योरिटी और ई-कॉमर्स सेक्टर में एंट्री करने की रणनीति अपनाई है। वैसे तो जियो गीगाफाइबर को कुछ समय पहले बीटा प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। लेकिन फिर भी यह अभी कंपनी के 5 करोड़ वायर्ड होम्स टारगेट से काफी दूर है।

डिजिटल दुनिया

जियो ने किया डेन और हैथवे का अधिग्रहण:

जिस तरह से यूजर्स के डिजिटल डाटा की खपत बढ़ रही है। ऐसे में जियो अब वायर-लाइन ब्रॉडबैंड को इस्तेमाल करने का प्लान कर रही है जिससे यूजर्स को बेहतर सर्विस मिल सके। इसके लिए कंपनी ने हैथवे और डेन जैसी केबल टेलिविजन और ब्रॉडबैंड मार्केट की दो बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी कर पहला कदम उठाया है। ये दोनों कंपनियां रिलायंस को लास्ट-मीटर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएंगी। रिलायंस ने डेन नेटवर्क का 58.92 हिस्सा अधिग्रहण किया है। वहीं, हैथवे केबल और डाटाकॉम लिमिटेड का 51.34 फीसद हिस्सा अधिग्रहण किया है। आपको बता दें कि हैथवे के साथ 7.7 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं और कंपनी में 5.5 मिलियन घरों तक पहुचंने की क्षमता है। इसके अलावा डेन की बात करें तो यह 9.7 लाख घरों तक पहुंचने में सक्षम है। इसके करीब 1,06,000 ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स हैं।

अन्य डायरेक्ट-टू-होम सर्विसेज होंगी प्रभावित:

टेलिकॉम सेक्टर में कदम रखने के बाद जियो ने बाजार में मौजूद अन्य टेलिकॉम ऑपरेटर्स को कड़ी टक्कर दी थी। जियो के चलते दूसरी कंपनियों ने अपने मौजूदा प्लान की कीमत को कम कर बेनिफिट्स को बढ़ा दिया था। यही नहीं, नए प्लान्स भी कम कीमत में पेश किए थे। जियो की एंट्री के बाद से अब तक टेलिकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर का माहौल कायम है। अब जब कंपनी डिजिटल सर्विसेज में भी अपना हाथ आजमा रही है। ऐसे में इससे डायरेक्ट-टू-होम टाटा स्काई, एयरटेल और सन जैसे बिजनेस काफी प्रभावित होंगे। इससे सबसे बड़ा खतरा एयरटेल को नॉन-मोबाइल बिजनेस के लिए भी माना जा रहा है। आपको बता दें कि होम ब्रॉडबैंड और डिजिटल टीवी बिजनेस के लिए, एयरटेल की आमदनी में 12 फीसद योगदान है।