Tuesday, August 31, 2021

3 बार से लगातार महिला बनकर चुनाव लड़ रही है ये ट्रांसजेंडर !

देहरादून. देहरादून निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार रजनी रावत को बतौर महिला विकल्प चुनकर नामांकन भरना पड़ा। फॉर्म में ‘थर्ड जेंडर’ विकल्प नहीं होने की वजह से रजनी रावत को यह करना पड़ा। ट्रांसजेंडर 48 वर्षीय रजनी रावत तीसरी बार स्थानीय निकाय के चुनाव लड़ रही हें। उन्होंने कहा कि उन्हें हर बार ‘महिला’ विकल्प पर टिक लगाने के लिए मजबूर किया गया।

ट्रांसजेंडर

रजनी ने फोन पर बताया कि 18 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए मुझे बतौर महिला की तरह नामांकन करना पड़ा क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी फॉर्म में कोई और विकल्प नहीं था।

साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग ने नामांकन भरने वाले फॉर्म में थर्ड जेंडर के ऑप्शन की शुरुआत की थी। लेकिन इस बारे में बात करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि फॉर्म के पुराने होने की वजह से उनमें थर्ड जेंडर विकल्प नहीं है।

भट्ट ने कहा, ‘चूंकि हम जिन फॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं नामांकन कराने के लिए, वे काफी पुरान हैं। ऐसे में उनमें थर्ड जेंडर का विकल्प नहीं है। लेकिन हमने नामांकन के दौरान रजनी रावत से कहा था कि यदि वे चाहें तो फॉर्म में थर्ड जेंडर लिखकर नामांकन भर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने मना कर दिया। भट्ट ने आगे कहा कि जल्द ही थर्ड ऑप्शन वाले फॉर्म लाए जाएंगे।

बता दें कि रजनी रावत ने पहली बार 2008 में चुनाव लड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था। उन्हें 44 हजार वोट मिले थे। इसके बाद 2013 के चुनाव में वे बसपा के टिकट पर मैदान में उतरीं और 46 हजार मत हासिल किए। वहीं, रावत पिछले सप्ताह आम आदमी पार्टी में शामिल हुई हैं।