Thursday, September 2, 2021

यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों की चेकिंग आज से शुरू, CCTV कैमरे से हो रही निगरानी

Lucknow. यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा-2018 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शनिवार से शुरू होगा। इसके लिए राजधानी के पांच केंद्र बनाए गए हैं। यहां 16,13607 कॉपियों का मूल्यांकन होना है। इन केंद्रों पर बोर्ड ने कॉपियां भी पहुंचा दी हैं। जिन्हें CCTV की निगरानी में सुरक्षा के बीच रखा गया है।

यूपी बोर्ड

सभी परीक्षकों को सुबह 10 बजे तक केन्द्र पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। कॉपियों के मूल्यांकन में कोई समस्या न आए, इसके लिए डीआईओएस ने अपने कार्यालय में कंट्रोल रूम नंबर-0522-2254479 गठित कर दिया है। उन्होंने बताया कि यदि मूल्यांकन में परीक्षक नहीं आ रहे हैं, या अन्य कोई भी दिक्कत है तो कंट्रोल रूम में संपर्क कर किया जा सकता है।

CCTV कैमरे लगे

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा छह 22 फरवरी व इंटर का इम्तिहान छह फरवरी से 12 मार्च तक चला। परीक्षा के दौरान ही बोर्ड मुख्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी की। प्रदेश भर के 247 केंद्रों पर हाईस्कूल के लिए 82123 व इंटर के लिए 64152 परीक्षक लगाए गए हैं, जो हाईस्कूल की दो करोड़ 17 लाख सात हजार 879 और इंटर की दो करोड़ 90 लाख 84 हजार 556 समेत कुल पांच करोड़ सात लाख 92 हजार 435 कॉपियां जांचेंगे। सभी मूल्यांकन केंद्रों पर CCTV कैमरे पहले से लगे हैं। पहली बार परीक्षकों की ऑनलाइन निगरानी भी हो रही है।

बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर वेबसाइट पर हर केंद्र को गैरहाजिर परीक्षक की रिपोर्ट भेजनी है साथ ही किस विषय की कितनी कॉपियां मूल्यांकित हुईं यह रिपोर्ट भी संलग्न होगी। इससे बोर्ड मुख्यालय को परीक्षा परिणाम तैयार करने और मूल्यांकन की हर गतिविधि पर नजर रखने में सहूलियत होगी। हाईस्कूल व इंटर के परीक्षक को कितनी कॉपियां हर दिन मिलेंगी और गलती होने पर दंड आदि के निर्देश पहले ही भेजे जा चुके हैं।

बहिष्कार को लेकर पुलिस बल तैनात

प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन बहिष्कार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसे में हर केंद्र पर पुलिस बल तैनात करने का मुख्यालय ने निर्देश दिया है साथ ही राजकीय व अशासकीय शिक्षकों को केंद्रों पर हर हाल में पहुंचने को भी कहा गया है। समाजवादी शिक्षक सभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. मान सिंह यादव ने वित्त विहीन शिक्षकों के पक्ष में बहिष्कार का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जब सीबीएसई का पाठ्यक्रम अपनाया जा रहा है तो वैसा ही भुगतान भी किया जाए। वहीं, बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का दावा है कि मूल्यांकन कार्य प्रभावित नहीं होगा।

नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचे

राजधानी के सवा दो सौ स्कूल मूल्यांकन कार्य को समय पर पूरा करने के लक्ष्य पर पानी फेरने में लगे हैं। इन स्कूलों का प्रशासन अपने परीक्षकों के नियुक्ति पत्र संबंधी लिफाफे लेने शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ही नहीं पहुंचे। इन लिफाफों में राजकीय, सहायता प्राप्प्त एवं निजी स्कूलों के करीब दो हजार शिक्षकों के नियुक्ति पत्र रखे हैं।

फोटो-फाइल