Sunday, August 29, 2021

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या दे सकते हैं पद से इस्तीफा !

लखनऊ। गड्ढा मुक्त सड़कों को लेकर प्रदेश सरकार ने 15 जून की समय सीमा तय कर रखी थी । मगर समय सीमा के 6 महीने बाद भी प्रदेश की सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी। जिसको लेकर कल (29-12-2017) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बैठक की और कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों के बीच में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा हैं।

 

केशव प्रसाद मौर्या

इससे पहले भी दोनों के बीच हुआ था विवाद

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में नेम प्लेट लगाने को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच में कुछ तना-तनी का माहौल देखने को मिला था। इसी कड़ी को जोड़ते हुए देखा जाये तो सड़को की गड़्ड़ा मुक्ति न हो पाने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ही उपमुख्यमंत्री केशव से काफी नाराज दिख रहें हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सड़को को गड्ढा मुक्त बनाने के अभियान की प्रगति पर असंतोष जताया हैं ।

 

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साथ ही विभागों को तेज रफ्तार से काम करने का निर्देश दिया हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब भी खराब सड़कों की शिकायत कर रही हैं। पीडब्ल्यूडी को उसी रफ्तार से उसने सरकार बनने के पहले सौ दिन में काम किया था। उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्ति में गन्ना और सिंचाई विभाग की रफ्तार पर भी सुस्त रही है।

ये कामियां भी आई सामनें

प्रदेश में पीडब्लूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचआई, पंचायतीराज विभाग, गन्ना विभाग, सिंचाई विभाग, मंडी परिषद, ग्राम विकास विभाग, नगर निकाय एवं नगर निगमों की 1 लाख 7 हजार 856 किलोमीटर लंबी सड़को को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया था।

 

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